भिवानी बाईपास पर मुनादी करती नगर परिषद की गाड़ी और सामने ही सड़क पर घूमता गोवंश। संवाद
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सड़कों पर बेसहारा घूमने वाले पशुओं को लेकर अब प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत सोमवार से मुनादी करवाने का काम शुरू कर दिया गया। दो दिन तक मुनादी करवाकर लोगों को अपने पशुओं को बांधकर रखने का आह्वान किया गया। इसके बाद सड़कों पर घूमने वाले पशुओं को पकड़ का गोशाला में भेजा जाएगा। अगर व्यक्ति पशुओं को छुड़वाने के लिए आएगा तो उससे 2100 से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।
27 अगस्त को एडीसी साहिल गुप्ता ने बैठक नगर परिषद व जिला परिवहन अधिकारी को सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए थे। बैठक में तय हुआ था कि पहले मुनादी करवा कर लोगों को सचेत किया जाएगा। इसके बाद पशुओं को पकड़ने का काम शुरू होगा। हालांकि एडीसी ने 31 अगस्त तक पशुओं को पकड़ने का काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। लेकिन इसमें देरी हो सकती है।
ऐसे चलेगी प्रक्रिया
27 अगस्त की मीटिंग में गोशालाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया था। इसमें 2900 गायों व सांड़ों को लेने की अनुमति दी गई थी। इस पर गोशालाओं के आए प्रस्तावों के आधार पर एक पत्र एडीसी कार्यालय से जारी किया जाएगा। इसके अनुसार ही नगर परिषद के कर्मचारी गायों और सांड़ों को पकड़ कर गोशालाओं में छोडे़ंगे। इसके अलावा पशुपालन विभाग की एक टीम भी साथ रहेगी, जो गोशालाओं में छोड़े जाने वाले पशुओं की टैगिंग करेगी। ऐसे में नगर परिषद व पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से इस अभियान को चलाएंगे।
नगर परिषद देना चाहता है ठेका
शहर में करीब एक साल से बेसहारा पशुओं को पकड़ने का ठेका नहीं हुआ है। ऐसे में नगर परिषद चाहता है कि वह अपने कर्मचारियों को इस काम में लगाने की बजाय इसका ठेका दे। लेकिन इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
शहर में मुनादी शुरू करवा दी गई है, जो दो दिन तक करवाई जाएगी। इसके बाद पकड़े गए पशुओं को यदि कोई छुड़वाने आता है तो उससे 2100 से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। मंगलवार को इस पर अधिकारियों के साथ योजना बनाई जाएगी कि पशुओं को पकड़ने का अभियान कैसे चलाना है। -मोहन भारद्वाज, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, नगर परिषद जींद।