सूर्पनखा की नाक काटते लक्ष्णम। संवाद
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नरवाना। श्रीरामा भारतीय कला केंद्र द्वारा आयोजित रामलीला में शनिवार रात को भगवान राम व भरत के मिलाप का मंचन किया गया। इसको देकर दर्शक अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए। इन दृश्यों ने सभी को भावविभोर कर दिया।
इसके पहले नरवाना मंडी एसोसिएशन प्रधान शशिकांत, आईपीएस कुलदीप सिंह, सुशील कौशिक एडवोकेट व सतबीर धीमान ने विधिवत रूप से फीता काटकर व आरती कर रामलीला का शुभारंभ किया।
रामलीला में दिखाया गया कि भरत किस प्रकार अपने भाई राम को खोजते हुए उनके पास पहुंचते हैं। उनके साथ उनकी माताएं और प्रजा भी हैं। सभी राम को मनाने के लिए गिड़गिड़ाते हैं, लेकिन राम अपने पिता के दिए हुए वचनों को झूठा नहीं करना चाहते। राम व भरत के प्रसंग इतने भावुकता वाले थे कि दर्शक अपनी आंखों से आंसू नहीं रोक पाए। इसके बाद रामलीला में सूर्पनखा प्रसंग व खर-दूषण वध का मंचन किया गया। आईपीएस दीपक ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में लोग आपसी मेल मिलाप को भूल गए हैं। हमें इस प्रकार के पात्रों से सीख लेनी चाहिए। भरत के रोल में विशाल शर्मा, सूर्पनखा के रोल में हिमांशु गोयल, सीता के रोल में प्रिंस, कौशल्या के रोल में कुलदीप वर्मा, निशाद राज अर्जुन नायक, विकास मित्तल, हिमांशु हलम, अरविंद शर्मा ने शानदार अभिनय किया। रामलीला में जयभगवान, श्यामलाल धीमान, असीम राणा, मुकेश सिंगला, शमशेर गोस्वामी व कुलदीप आरती भी मौजूद रहे।