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जिले के लोगों को मिलेगी नागरिक अस्पताल में फ्लोराइड जांच की सुविधा

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जींद। नागरिक अस्पताल में जिले के लोगों को अगले सप्ताह से फ्लोराइड जांच की सुविधा भी मिलने लगेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम के तहत चार लाख सात हजार रुपये से फ्लोराइड लैब चलाने का सामान खरीद लिया है। अगले सप्ताह सभी उपकरणों को सेट करके लैब चालू कर दी जाएगी।
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जिले के कई गांवों में पीने का स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है। काफी गांवों में लोग भूमिगत पानी पीते हैं। इस पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। इसके अलावा शहर में भी जनस्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेलों के माध्यम से भूमिगत पानी की सप्लाई करता है। आज तक इस पानी की जांच नहीं हुई है। इसके कारण यह पता नहीं लगाया जा सका है कि इसमें फ्लोराइड की मात्रा कितनी है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल में फ्लोराइड की जांच करने के लिए लैब स्थापित करने की ओर कदम बढ़ाया है। लैब के लिए एनएचएम के तहत सामान मंगवाया गया है। एनएचएम के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि फ्लोराइड लैब के लिए चार लाख सात हजार रुपये से सामान खरीदा गया है, जो नागरिक अस्पताल में पहुंच गया है। सोमवार को यह सामान पीएमओ डॉ. लोकवीर को सौंप दिया जाएगा, इसके बाद इसी सप्ताह नागरिक अस्पताल में फ्लोराइड जांच लैब स्थापित हो जाएगी।
पानी में फ्लोराइड अधिक होने के नुकसान
यदि पीने के पानी में फ्लोराइड अधिक है तो शरीर को काफी नुकसान होता है। अधिक फ्लोराइड गर्दन, पीठ, कंधे, घुटनों के जोड़ों और हड्डियों को प्रभावित करता है। कैंसर, स्मरण शक्ति कमजोर होना, गुर्दे की बीमारी व बांझपन जैसी समस्या भी इससे हो सकती है। विदेशों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 0.5 मिलीग्राम प्रति लीटर तक सामान्य मानी जाती है, जबकि भारत में यह दर 1.0 मिलीग्राम निर्धारित है।
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