जींद का मेडिकल कॉलेज दो साल के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नरवाना में की। इस दौरान उन्होंने नरवाना हलके के विकास के लिए अनेक विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन विकास परियोजनाओं पर लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च आएगी।
एसडी महिला महाविद्यालय में आयोजित हलका स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों सभी 108 मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। जनसभा से पहले मुख्यमंत्री ने नवदीप स्टेडियम में धमतान तथा धनौरी गांवों के 33केवी सब स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन सब स्टेशनों के निर्माण पर चार करोड़ 62 लाख रुपये की लागत आई है। इन सब स्टेशनों के बनने से धमतान, लोन धनौरी तथा कोयल गांवों के लोगों को निर्बाध सही वोल्टेज की बिजली मिलती रहेगी। लोगों की लड़कियों के दो कॉलेज की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी मैपिंग करवाई जाएगी। यदि दोनों कॉलेजों में 20 किलोमीटर से अधिक दूरी हुई तो इसे बनवा दिया जाएगा।
नवदीप स्टेडियम में लगेगा सिंथेटिक ट्रैक
भाजपा कार्यकर्ताओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने 11 करोड़ रुपये की राशि नवदीप स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक के लिए मंजूर की। इससे 400 मीटर का ट्रैक बनाया जाएगा। इसके अलावा साढ़े 39 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को, जींद पटियाला मार्ग के लिए 20 करोड़ रुपये, दर्जन भर सड़कों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए 19 करोड़ रुपये की मांग भी पूरी करने की घोषणा हुई। मुख्यमंत्री ने दर्जन भर गांवों में व्यायामशाला बनाने की भी घोषणा की।
एलईडी से रोशन होंगी नरवाना की सड़कें
मुख्यमंत्री ने नरवाना की सड़कों को रोशन करने के लिए एक करोड़ रुपये का एलान किया। वहीं, सेन समाज की धर्मशाला के लिए 25 लाख रुपये, ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 करोड़ व शहर के लिए छह करोड़ की घोषणा की। वहीं नरवाना के नागरिक अस्पताल के लिए चार करोड़ की घोषणा की। उचाना व नरवाना में सफाई के लिए मशीन को भी मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी।
बीरेंद्र सिंह की पांच मांगों पर खामोश रहे सीएम
कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने सीएम के सामने हलके के विकास की वकालत जोरदार तरीके से की, लेकिन इसमें मुख्यमंत्री ने कोई घोषणा नहीं की।
दरअसल, मुख्यमंत्री से पहले बोलने के लिए उठे चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 108 मांगों का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए पांच मांगें जरूरी हैं। 108 तो वे पूरी करवा लेंगे। इनमें से सीएम ने सिर्फ एक मांग का ही जिक्र किया और उसे भी फिलहाल पूरी नहीं करने में असमर्थता जताई।
बीरेंद्र सिंह की मांग
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने सबसे पहले नरवाना के नागरिक अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां के लोग इलाज के लिए हिसार, लुधियाना जाते हैं। आधे से अधिक लोग रास्ते में ही दम तोड़ जाते हैं। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब वे किसी के शोक पर जाते हैं तो लोग मरने वाले की उम्र से पहले उस पर किए गए खर्च की बात बताते हैं।
मुख्यमंत्री का जवाब
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी मानते हैं कि सुपर स्पेशियलिटी होनी चाहिए, लेकिन चिकित्सकों का अभाव है। इसके लिए सरकार ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला लिया है। डॉक्टर उपलब्ध होते ही नरवाना में सुपर स्पेशियलिटी सुविधा दी जाएगी।
इन मांगों पर सीएम की नजरें नहीं हुई इनायत
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि क्षेत्र में उच्चस्तरीय शिक्षा की कमी है। यहां कुरुक्षेत्र विवि का रीजनल सेंटर बनाया जाए, जिससे यहां के युवा अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सकें। इस पर सीएम कुछ नहीं बोले। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि नहर में पानी की कमी के बावजूद यहां के किसानों ने अपनी मेहनत से अच्छी पैदावार निकाली है। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा 'आपको क्या फर्क पड़ता है, भाखड़ा को खोल दो इधर। इस पर लोगों ने खूब तालियां बजाईं। बीरेंद्र सिंह ने सीएम को कहा कि ये अकाली-पकाली, कांग्रेसी पांग्रेसी सब इलेक्शन में उलझ जांगे और आपां नहर काढ़ लेंगे। उन्होंने मांग की कि धरोदी माइनर का पानी दिया जाए। उन्होंने कहा कि 15-16 गांव इनेलो का गढ़ हैं। इसका कारण है कि जिन लोगों ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा, उन्होंने पानी नहीं आने दिया। यदि यहां पानी मिलता है तो 'ताजा कमल खिलेगा। नई भाजपा तैयार होगी।
सरकार द्वारा नौकरियां मेरिट के आधार पर देने पर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 'म्हारे बच्चां नै नौकरियां म्है सुवाद कोनी आरया।
पार्क और स्टेडियम की मांग
जिस समय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर संबोधन दे रहे थे, चौधरी बीरेंद्र सिंह बीच में उठकर उनके पास गए और स्टेडियम और पार्क बनाने की मांग की। इस पर भी सीएम ने टालने वाले अंदाज में कहा कि यदि जमीन मिलती है तो पार्क व स्टेडियम की भी देखेंगे।
मैंने अपने अंदाज में कहा बावली बूच, मीडिया ने मुद्दा बना दिया
जींद विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मजाक में सांसद रमेश कौशिक को बावली बूच कहने के मामले पर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पत्रकारों को नसीहत दी। चौधरी बीरेंद्र सिंह कुछ बोलते हुए बीच में रुके और बोले, उन्होंने अपने अंदाज में वैसे ही कुछ बोल दिया था, मीडिया ने उसे ही मुद्दा बना दिया। यह दुर्भाग्य की बात है।
फोटो नंबर
18जेएनडी09: परियोजनाओं की उद़्घाटन करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर।
18जेएनडी10: मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच में अपनी बात रखते चौधरी बीरेंद्र सिंह।
18जेएनडी11: जनसभा में पहुंचे लोग।
18जेएनडी22: लोगों को अभिवादन स्वीकार करते मुख्यमंत्री और अन्य भाजपा नेता।