दुकानदार के भाई से पैसे लेते हुए आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज का फोटो।
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सफीदों। सफीदों में 20 अप्रैल को पंसारी आशीष गर्ग की दुकान से मिले वन्य जीवों के अंगों की बरामदगी के मामले में आरोपी के भाई ने विभाग की कथित टीम पर 50 हजार रुपये ऐंठने के आरोप लगाया है। आरोपी के भाई पूर्व पार्षद विकास गुप्ता ने आरोपियों के पैसे लेते समय की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने दीपक नामक एक युवक को नामजद करते हुए एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
20 अप्रैल को पुलिस ने सफीदों की पुरानी अनाजमंडी में स्थित पंसारी की दुकान पर दबिश दी थी। दुकान से पुलिस ने दो लंबे टुकड़े सांभर के सींग, तीन टुकड़े लाल मुंगा (कोरल) तथा कुठ के 13 नग बरामद किए थे। इसके बाद वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर मनबीर खटकड़ ने पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने दुकान संचालक आशीष गर्ग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अब आशीष गर्ग के भाई विकास गुप्ता ने पुलिस को शिकायत देकर कहा है कि वन्य प्राणी विभाग के दीपक तथा एक अन्य युवक ने उससे उसके भाई को छुड़वाने की एवज में 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। यह सब मामला 20 अप्रैल को ही पुलिस थाना की दीवार के पीछे हुआ। आरोपियों ने कहा कि उन्होंने ही उसके भाई को पकड़वाया है। यदि वह अपने भाई को छुड़वाना चाहता है तो उसे 50 हजार रुपये देने होंगे। विकास गुप्ता ने आरोपियों को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद भी उसके भाई को पुलिस से छुड़वाया नहीं गया। अब उसके हाथ पैसे लेते हुए मामले की सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी है। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अब दीपक को नामजद करते हुए एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शहर थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि पूर्व पार्षद ने दो लोगों पर धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दीपक को नामजद कर एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।