गांव मुआना में बेंच पर हुई महिला की डिलिवरी व बच्चे की मौत के मामले में मंगलवार देर शाम को ग्रामीणों व स्वास्थ्य विभाग के बीच सहमति बन गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उपस्वास्थ्य केंद्र पर लगाए ताले को खोल दिया।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने चिकित्सक डॉ. संदीप लांबा, स्टाफ नर्स सीमा तथा एमपीएचडब्ल्यू राजेश को 14 दिन के लिए अन्य स्थानों पर डेपुटेशन पर भेज दिया। वहीं चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की लापरवाही की जांच के लिए डॉ. तीर्थ बागड़ी के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है। जांच टीम दो दिन में सिविल सर्जन को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मंगलवार को भी मुआना गांव के लोगों ने उपस्वास्थ्य केंद्र का ताला नहीं खोला। मंगलवार को फिर से प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। सुबह खुद सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह भी उपस्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। ग्रामीणों ने चिकित्सक व स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग दोहराई। इसके बाद सिविल सर्जन वापस लौट आए। देर सांय फिर से एसडीएम डॉ. आनंद कुमार शर्मा, आईपीएस नीतीश अग्रवाल, नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर पूनिया व शहर थाना प्रभारी रामकुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने स्टाफ का यहां से तबादला करवाने की मांग रखी। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने डॉ. संदीप लांबा को पीएचसी हॉट, एमपीएचडब्ल्यू राजेश को पीएचसी हाट व स्टाफ नर्स सीमा को नागरिक अस्पताल सफीदों में 14 दिन के लिए डेपुटेशन पर भेज दिया। वहीं चिकित्सक व स्टाफ की लापरवाही की जांच के लिए कमेटी बनाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही ग्रामीण माने और उपस्वास्थ्य केंद्र पर लगे ताले को खोला। इसके अलावा सिविल सर्जन ने उप स्वास्थ्य केंद्र मुआना को अस्थायी तौर पर एक एंबुलेंस भी अलाट की।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. तीर्थ बागड़ी के नेतृत्व में चिकित्सक व स्टाफ की लापरवाही की जांच के लिए कमेटी बना दी है। चिकित्सक व अन्य कर्मचारियों को 14 दिन के लिए डेपुटेशन पर अन्य स्थानों पर भेज दिया है। यदि जांच में चिकित्सक या अन्य कर्मचारी की लापरवाही पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।