कोरोना संक्रमण के दौरान अपने माता-पिता को खो देने वाले जींद जिले के चार बच्चों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को सीधा संवाद करेंगे। चार बच्चे नाबालिग है इसलिए संभावना है कि प्रधानमंत्री सिर्फ गांव झमोला की पायल से ही बात करेंगे। उधर पीएम से बात करने का मौका मिलने पर पॉयल बहुत खुश है।
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद के लिए चयनित पायल बेहद खुश है। झमोला गांव निवासी पायल ने बताया कि करीब दो साल पहले माता-पिता के निधन के बाद वह और उनके दो भाई काफी निराश थे, हालांकि परिवार के लोगों ने हमेशा हौसला बढ़ाया। उसे जब पता चला कि प्रधानमंत्री से उन्हें सीधे संवाद का मौका मिलेगा तभी से वह बेहद खुश है उसे यकीन नही हो रहा कि प्रधानमंत्री उससे बात करेंगे।
पायल ने बताया कि वह प्रधानमंत्री से समाज में भेदभाव को समाप्त करने की मांग करेंगी। विशेष कर लड़कियों के प्रति होने वाले भेदभाव पर रोक लगे। पायल ने बताया कि उसने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी हुई है। वह भविष्य में वह समाज सेवक बनना चाहती है।
पायल के अनुसार वह भी अनाथ बच्चों के लिए काम करेंगी। पायल का बड़ा भाई आईटीआई कर रहा है, जबकि छोटा भाई आठवीं कक्षा में पढ़ रहा है। उन्हें करीब एक महीना पहले ही इसकी सूचना प्रशासन द्वारा दी गई थी। प्रधानमंत्री से बातचीत करने का मौका किसी सपने से कम नहीं है।
सपना पूरा होने की उम्मीद
पायल के अनुसार माता-पिता की मौत के बाद भविष्य अंधकारमय लग रहा था, लेकिन जिस प्रकार सरकार ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, अब लगता है कि सभी सपने पूरे हो जाएंगी। पायल के अनुसार इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहेंगी।