सरकार द्वारा प्रदेश के बुजुर्गों को सम्मान देने के लिए वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना लागू की गई है। यह योजना बुजुर्गों को न केवल सम्मान दे रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी सफल बनाने का काम कर रही है। जिला में इस योजना का एक लाख 19 हजार 402 बुजुर्गों को लाभ दिया जा रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को डीसी नरेश कुमार नरवाल ने दी।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को हर माह 2500 रुपये की राशि बैंकों, कॉमन सर्विस सेंटर तथा डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से सात सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शुरू की जा चुकी हैं। विधवा पेंशन योजना के तहत जिले की 49 हजार 418 विधवाओं को प्रति माह 2500 रुपये, दिव्यांग पेंशन के तहत जिले के 12740 दिव्यांगों को प्रति माह 2500 रुपये तथा लाडली सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत दो हजार 30 पात्र लोगों को प्रति माह 2500 रुपये की राशि प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस विभाग के माध्यम से निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के तहत बच्चे को प्रतिमाह 1600 रुपये की राशि दी जा रही है। जिले में इस योजना का लाभ 13337 निराश्रित बच्चों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे मानसिक दिव्यांग बच्चे जो स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन बच्चों को भी प्रति माह 1900 रुपये की राशि वित्तीय सहायता के रूप में दी जाती है। जिले में इस योजना के तहत फिलहाल 806 बच्चे लाभ ले रहे हैं। इसी प्रकार से बौना भत्ता योजना भी प्रदेश में शुरू की गई है। जिला में इस योजना के तहत पांच पात्र लोगों को प्रतिमाह 2500 रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जा रही है।
कौन और किस प्रकार ले सकता है वृद्धावस्था योजना का लाभ
डीसी ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक हरियाणा प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। प्रमाण के तौर पर रिहायसी प्रमाणपत्र कम से कम पांच वर्ष पुराना होना चाहिए। आवेदक की आयु 60 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। आयु प्रमाण पत्र के लिए विद्यालय त्याग प्रमाणपत्र की दाखिला रजिस्टर की सत्यापित प्रति, वर्ष 2005 से पूर्व जारी किया गया पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या फोटो युक्त मतदाता सूची, जिसका निर्वाचन विभाग की वेबसाइट से ऑनलाइन मिलान होना चाहिए। इसके अलावा 16 जून 2016 से जारी किया गया ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के पास उक्त वर्णित प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं हैं तो उस सूरत में इस योजना का लाभ पात्र व्यक्ति को दिलवाने के लिए आयु का आंकलन के लिए दो चिकित्सा अधिकारियों का एक मेडिकल बोर्ड गठित किया जाता है। इस बोर्ड द्वारा जो आयु प्रमाणपत्र दिया जाता है, वह भी मान्य होता है। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक द्वारा ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदक अटल सेवा केंद्रों, अंत्योदय सरल केंद्र भवन के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।