मांगों को लेकर नारेबाजी करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं।
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जींद। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन की कार्यकर्ताओं का मांगों के समर्थन में धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने में क्रमिक अनशन पर संतोष, ऊषा, रोशनी, निर्मला व ऊषा मौजूद रहीं। धरने की अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन की महासचिव दयावंती ने की और मंच संचालन नेता ऊर्मिला ने किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने लघु सचिवालय के बाहर धरनास्थल से चलकर महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय के बाहर तक नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने डीपीओ निर्मला लाठर के प्रति भी रोष व्यक्त किया। दयावंती ने कहा कि धरना कर अपनी मांगें मनवाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। आंगनबाड़ी हेल्पर्स व वर्कर्स का वेतन नहीं दिया गया। डीपीओ निर्मला लाठर ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों का मांग पत्र लिया और बचा हुआ मानदेय दो दिन के अंदर डालने व आंगनबाड़ी सेंटरों का बकाया किराये का तुरंत भुगतान करने का आश्वासन दिया। दयावंती ने कहा कि कर्मचारियों की स्थानीय समस्याओं का तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेंटरों को किराया भी सात-आठ महीनों तक नहीं मिल पाता। इससे मकान मालिक की आंगनबाड़ी संचालक महिलाओं को सुननी पड़ती है। जब कि आंगनबाड़ी महिला सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोगों तक पहुंचाने एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य एवं खून की कमी तथा अन्य और भी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स सरकारी कर्मचारी से ज्यादा काम करती हैं, जबकि मानदेय काफी कम मिलता है। इसलिए सरकार सेे मांग है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को एनजीओ को नहीं सौंपा जाए। इस अवसर पर लक्ष्मी, सविता, सुनीता, अनिता, कृष्णा सैनी, बबीता ईक्कस, सुमन, कृष्णा, सरिता पुष्पा, सुदरेश, निर्मला व शकुंतला भी मौजूद रहीं।