दातासिंह वाला बॉर्डर पर लगातार आसु गैस गोले छोड़ने, धुआं उठने, लाठियां चलने तथा पत्थरीबाजी की आवाज आ रही है। इस पत्थरबाजी व लाठीचार्ज में पांच पुलिस कर्मचारी घायल हो गए। कुछ किसानों को भी चोट आई है। घायल पुलिस कर्मचारियों को नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल करवाया गया है, जबकि किसानों को दूसरे किसान किसी अन्य अस्पताल में ले गए।
दातासिंह वाला बॉर्डर पर दो बजे तक स्थिति ठीक थी, लेकिन इसके बाद हालात खराब होते चले गए। पंजाब से काफी संख्या में किसान यहां पहुंच गए और सड़क पर लगाई कीलाें को उखाड़ना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन से पानी बरसाना शुरू कर दिया।
उधर किसानों ने भी पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस झड़प में पांच पुलिस कर्मचारी हो गए जबकि कुछ किसान भी घायल हुए हैं। पुलिस कर्मचारियों को नागरिक अस्पताल नरवाना में दाखिल करवाया गया है। वहीं किसानों का पता नहीं चला कि वह घायल होने के बाद किस अस्पताल में गए हैं। किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जा रही है। खेतों में किसानों का लगातार पुलिस पीछा कर रही है। हालत अब बेकाबू होते जा रहे हैं।
जींद में शुगर मिल को बनाया अस्थायी जेल
वहीं जिला प्रशासन ने झांझ गांव के पास स्थित शुगर मिल को अस्थाई जेल बना दिया गया है। महानिदेशक जेल द्वारा आदेश दिए गए हैं कि चीनी मिल को अस्थायी तौर पर जेल बना दिया गया है। यहां पर डाॅ. मनदीप, औषधाकारक, पवन जैन जेल उपाधीक्षक के साथ सामंजस्य स्थापित कर अस्थायी जेल में ड्यूटी करेंगे।
किसान आंदोलन को देखते हुए सभी अधिकारियों व कर्मियों के अवकाश रद्द
किसान आंदोलन को देखते हुए मंगलवार से आगामी आदेशों तक अधिकारी व कर्मचारियों की छुट्टी को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। केवल चिकित्सीय अस्पताल की स्थिति में सीएमओ जींद से चिकित्सा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद ही सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद अवकाश की अनुमति दी जाएगी। उपायुक्त डॉ. मोहम्मद इमरान रजा ने आदेशों को सख्ती से पालन के लिए कहा है।
एक सप्ताह से बैठकों पर बैठकें
पिछले एक सप्ताह से पुलिस अधिकारी कभी पुलिस कर्मचारियों के साथ तो कभी ग्रामीणों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इसके अलावा पिछले एक सप्ताह से दातासिंह वाला बॉर्डर को पक्का मोर्चा बनाकर किलेबंदी की जा रही है। सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजाम हैं कि इन्हें किसी भी तरीके से तोड़ा नहीं जा सकता।
सड़क के बीच में तीन लेयर में गाड़ी गई कील
दातासिंह वाला बॉर्डर पर पंजाब की तरफ पुलिस ने लोहे की कील गाड़ दी हैं। इनको तीन लेयर में गाड़ा गया है ताकि ट्रेक्टर आएं तो यहीं पंक्चर होकर रुक जाएं। इसके अलावा सड़क के दोनों तरफ बड़े-बड़े अलग से पत्थर रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर इनको और अधिक मजबूती के साथ लगाया जा सके। ड्रोन को बॉर्डर से लगभग एक किलोमीटर पंजाब की तरफ उड़ाया जा रहा है ताकि पहले ही पता लग सके कि कितने किसान कितने वाहनों में आ रहे हैं। एक किलोमीटर पहले ही पता लगने के बाद पुलिस सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम कर सकती है।