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Haryana: बजरंग पूनिया और विशाल कालीरमण पर पंचायत में विवाद, आपस में उलझ गए पंचायती, धक्कामुक्की की, फैसला नहीं

Sat, 09 Sep 2023 07:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

पंचायत में दोनों ही पहलवान नहीं पहुंचे। 11 सदस्यीय कमेटी ने फैसला सुनाया कि इस विवाद का हल पंचायती तौर पर नहीं हो सकता है। निर्णय लेने का अधिकार कुश्ती फेडरेशन को है।
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जाट धर्मशाला में हो रही पंचायत को संबोधित करतो खाप चौधरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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बिना ट्रायल पहलवान बजरंग पूनिया का एशियन गेम्स में चयन होने और विशाल कालीरमण का ट्रायल नहीं होने को लेकर उभरा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार को जाट धर्मशाला में पंचायत हुई लेकिन पंचायती आपस में उलझ पड़े और जमकर धक्कामुक्की हुई।

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बाद में 11 सदस्यीय कमेटी ने फैसला सुनाया कि इस विवाद का हल पंचायती तौर पर नहीं निकाला जा सकता है। इसका निर्णय लेने का अधिकार कुश्ती फेडरेशन को ही है। पंचायत में दोनों ही पहलवान नहीं पहुंचे।

पंचायत की अध्यक्षता कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने की। पंचायत का आयोजन रागी खाप की ओर से किया गया था। इस मामले को लेकर 20 दिन पहले भी पंचायत हुई थी जिसमें दस सितंबर को पंचायत करने की तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन एक दिन पहले ही यह पंचायत बुला ली गई।
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पंचायत में पूनिया खाप से शमशेर नंबरदार, माजरा खाप से गुरविंदर सिंह, प्रेस प्रवक्ता समुंदर फोर, नौगामा खाप से सुरेश बहबलपुर, खटकड़ खाप से हरिकेश व अनीश खटकड़, थुआ खाप से ओमप्रकाश, दाहड़ खाप से सूरजभान, बराहा से राजबीर कटारिया मौजूद रहे।

नौगामा खाप के प्रधान सुरेश बहबलपुर ने कहा कि हम किसी के पक्ष में नहीं हैं, यह काम फेडरेशन का है, हमारा नहीं है। पूनिया खाप के शमशेर नंबरदार ने कहा कि पंचायत इस मामले को सुलझाने के लिए बुलाई गई है। इसे राजनीतिक लड़ाई का अखाड़ा नहीं बनाना है। जो भी बात कहें, सभी की बातों को ध्यान में रखकर बोलें।

फैसला नहीं लेने पर हुआ विवाद
पंचायत में एक पक्ष फैसला लेने का दबाव डाल रहा था जबकि खापों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह उनका काम नहीं है। इसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगाें ने आपस में ही धक्कामुक्की की। बाद में कई खापों ने फैसला नहीं लेने और फेडरेशन पर फैसला छोड़ने की बात कहकर अपने आपको अलग कर लिया।

हमने धरना नहीं बेचा, लड़ाई जारी रहेगी
पंचायत में कुछ लोगों ने दिल्ली में चले पहलवानों के धरने पर सवाल उठाया तो विनेश फोगाट के पति सोमबीर राठी ने कहा कि हम धरना बेच कर नहीं आए। हमें पुलिस ने जबरदस्ती उठा दिया। हम मेडल गंगा में बहाने के लिए गए थे, लेकिन हमारे बुजर्गों ने मना कर दिया। अभी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। ब्रजभूषण शरण सिंह के जेल में जाने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

जाट धर्मशाला में हुई पंचायत में जिले की 22 खापों ने भाग लिया था। फैसले के लिए 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। सभी ने फैसला सुनाया कि इस मामले को पंचायती स्तर पर हल नहीं किया जा सकता। यह फेडरेशन से संबंधित मामला है, इसमें निर्णय फेडरेशन को ही लेना होगा। -ओमप्रकाश कंडेला, प्रधान कंडेला खाप।

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