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Weather: जींद व उचाना के बीच लगातार 15 मिनट बारिश के साथ गिरे ओले, धरती हुई सफेद, गेहूं की फसल को नुकसान

Wed, 19 Apr 2023 10:00 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

ओलावृष्टि से धरती सफेद हो गई। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। अन्य फसलों को भी नुकसान हुआ है। छात्तर गांव की अनाजमंडी में गेहूं  भीग गया। 
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गांव जलालपुर कलां के खेतों में गिरे ओले। कंडेला में बारिश से साथ होती ओलावृष्टि। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मौसम किसानों पर लगातार आफत बरसा रहा है। बुधवार को उचाना तथा जींद के बीच के लगभग 30 गांवों में दोपहर बाद अचानक आई बारिश के साथ 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा खेतों में गेहूं निकालने का काम भी बाधित हो गया। इसके अलावा छात्तर गांव की अनाजमंडी में गेहूं भीग गया।

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बुधवार अल सुबह लगभग तीन बजे तेज आंधी आई थी। उस समय बारिश तो नहीं आई, लेकिन कई जगह पेड़ टूट गए थे तथा बिजली सप्लाई भी बाधित रही। सुबह मौसम साफ रहा। दोपहर बाद अचानक से बारिश के साथ ओलावृष्टि हो गई। लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि होती रही, इससे सफेद चादर ने धरती को पूरी तरह से ढक लिया था।

गनीमत रही कि जींद, नरवाना, उचाना, सफीदों, पिल्लूखेड़ा में बारिश नहीं हुई। इससे अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीगने से बच गया। केवल छात्तर अनाजमंडी में हल्की बारिश हुई। इससे खुले में पड़ी गेहूं के नीचे पानी फैल गया।
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इसके अलावा झांझ कलां, झांझ खुर्द, बड़ौदा, जलालपुर कलां, जलालपुर खुर्द, ईक्कस, संगतपुरा, दरियावाला, ईंटल कलां, खटकड़, बरसोला, खेड़ी, जाजवान, कंडेला, शाहपुर, धनखड़ी, अहीरका, अमरहेड़ी समेत कई गांवों में लगभग 15 मिनट बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई।


बारिश से भीगा गेहूं। 

इन गांवों में लगभग 30 प्रतिशत गेहूं खेतों में ही खड़ी है। कुछ गांवों में तो हाथ से गेहूं काटकर सुखाने के लिए रखी गई है। अचानक हुई ओलावृष्टि व बारिश के कारण गेहूं की खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा अब कई दिन गेहूं निकालने का कार्य बाधित रहेगा।

ट्रॉली में ही भीग गई गेहूं
गांव जलालपुर कलां निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि उसने गेहूं निकाल ली थी। उसकी गेहूं ट्रॉली में थी और वह गेहूं को घर लेकर आ रहा था। अचानक से बारिश व ओलावृष्टि के कारण उसकी ट्रॉली में रखी गेहूं भीग गई। उसके पास गेहूं ढकने के लिए उस समय तिरपाल भी नहीं था। अब उसकी गेहूं मंडी में कोई नहीं खरीदेगा।
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बारिश का दर्ज नहीं हो पाया रिकॉर्ड
जिला प्रशासन ने बारिश का रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए जींद मुख्यालय, उचाना, नरवाना, पिल्लूखेड़ा, अलेवा, सफीदों व जुलाना में यंत्र लगाए हैं लेकिन यहां पर बारिश ही नहीं हुई। इसलिए बारिश का रिकॉर्ड दर्ज नहीं हो पाया।

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