नई अनाज मंडी में खरीद कार्यों का जायजा लेते रणदीप सुरजेवाला। सेवाद
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जींद। सरकार ने रविवार से पीआर धान की खरीद की घोषणा की है। हालांकि रविवार को एक भी किसान धान बेचने के लिए मंडी में नहीं पहुंचा। पीआर को छोड़कर अन्य किस्म के धान की आवक मंडी में होने लगी है। प्रशासन ने धान खरीद के लिए जिले में 13 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। इधर, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को नई अनाज मंडी का दौरा कर सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है।
हरियाणा में सरकार केवल पीआर धान की ही खरीद करती है। धान की अन्य किस्मों को व्यापारी व अन्य राइस मिलर खरीदते हैं। रविवार से जींद की नई अनाज मंडी में धान की खरीद का कार्य शुरू करने की घोषणा कर दी गई, लेकिन एक भी किसान अपना पीआर धान लेकर नहीं पहुंचा। धान की 1509 किस्मों की 20 ढेरियां मंडी में पड़ी हैं। इनको भी किसी व्यापारी ने नहीं खरीदा। सरकार ने पहले 25 सितंबर से धान की खरीद करने की घोषणा की थी। इसके बाद 30 सितंबर को भी खरीद की घोषणा की थी, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पाई। इसके बाद किसानों ने नाराजगी जताई तो सरकार ने तीन अक्तूबर से धान खरीद की घोषणा की। प्रशासन की तरफ से जिले में 13 अधिकारियों की ड्यूटी धान खरीद के लिए लगाई है।
धान की खरीद से बचना चाहती है सरकार
रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला नई अनाज मंडी में पहुंचे। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सरकार धान में नमी की मात्रा 22.7 प्रतिशत मानती है, लेकिन अभी सरकार ने कहा है कि 17 प्रतिशत से अधिक नमी की धान नहीं खरीदेगी। इससे साफ है कि सरकार धान की खरीद से बचना चाहती है।
इस संबंध में मार्केट कमेटी के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि धान खरीद का कार्य रविवार से शुरू कर दिया गया है। मंडी में सभी प्रकार की तैयारियां की जा चुकी हैं। रविवार को कोई भी किसान पीआर धान बेचने के लिए नहीं आया। अन्य धान की किस्मों को प्राइवेट एजेंसियां से राइस मिलर खरीदते हैं। सोमवार को कुछ प्राइवेट एजेंसियों के लोग पहुंच जाएंगे तो धान की दूसरी किस्मों की खरीद शुरू हो जाएगी।