जींद। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने पर ब्याज में शत-प्रतिशत छूट का लाभ उठाने के लिए पर 31 मार्च अंतिम तिथि है। इस तरह अब लोगों के पास केवल चार दिन का समय बाकी है। लोगों को पिछले चार साल से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं मिले हैं। इस कारण ब्याज में छूट के बावजूद लोग बकाया बकाया टैक्स जमा कराने में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रॉपर्टी सर्वे में देरी भी इसका बड़ा कारण है।
साल 2018 में एजेंसी ने प्रॉपर्टी सर्वे शुरू किया था। यह काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रॉपर्टी सर्वे कर एजेंसी असेसमेंट बिलों के नोटिस बांट रही है। सर्वे में देरी की वजह से इस साल भी प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं बांटे जा सके। हर साल बकाया प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ता जा रहा है। अकेले जींद नगर परिषद का 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। हर साल 31 मार्च से पहले बकाया प्रॉपर्टी टैक्स भरना होता है। इसके लिए नगर परिषद लोगों को टैक्स के नोटिस बंटवाती थी। जब से प्रॉपर्टी सर्वे शुरू हुआ, नगर परिषद ने टैक्स के बिल ही नहीं बंटवाए। एजेंसी को सर्वे कर प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित लोगों के दावे व आपत्तियां लेने के बाद रिकार्ड आनलाइन करना है। प्रॉपर्टी असेसमेंट बिलों में बड़े स्तर पर खामियां मिलने के कारण इस काम में देरी हो रही है। पहले यह काम 28 फरवरी तक पूरा बिल भरवाने के लिए एजेंसी को नोटिस बंटवाने थे। अब 28 फरवरी तक असेसमेंट बिल बांटने का काम पूरा नहीं हो पाया।
एक अप्रैल से एजेंसी को बांटने हैं बिल
एजेंसी द्वारा किए सर्वे में शहर में करीब 74 हजार प्रॉपर्टी हैं। पुराने सर्वे के अनुसार करीब 54 हजार प्रॉपर्टी थी। एजेंसी प्रतिनिधियों का कहना है कि असेसमेंट बिल बांटने का काम लगभग पूरा हो चुका है। लोगों की तरफ से जो दावे व आपत्तियां आ रही हैं, उन्हें दर्ज किया जा रहा है। एजेंसी को एक अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटने शुरू करने हैं।