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क्यूआर कोड भेजकर ठगी करने वाले गिरोह के पांच गुर्गे गिरफ्तार

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पुलिस हिरासत मंे साइबर ठगी गिरोह के गुर्गे । - फोटो : Jind
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एसएसपी वसीम अकरम द्वारा जिले में साइबर ठगी को रोकने के लिए बनाई गई साइबर सेल के इंचार्ज सोमबीर ढाका ने टीम के साथ मिलकर क्यूआर कोड भेजकर लोगों के ऑनलाइन खातों से रुपये उड़ाने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दस बैंक खातों की कॉपी व दो लाख आठ हजार रुपये भी बरामद किए हैं।
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एएसपी नितीश अग्रवाल ने बताया कि क्यूआर कोड भेजकर ठगी करने के आरोप में राजस्थान के भरतपुर जिला के चिचाबरी निवासी मुन्ना, टपुकड़ा निवासी अमजद, अभयपुर निवासी मुबारिक व झज्जर के भिंडावास निवासी अशोक, यूपी के हमीरपुर के माधा निवासी विजय को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार एटीएम व दस पासबुक भी बरामद हुई।
23 मई को जवाहर नगर निवासी प्रवेश ने शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसके पास एक नंबर से किसी अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई थी, जिसने उसके किसी जानकार का नाम लेकर उसके खाते में कुछ पैसे डालने की बात कही और एक क्यूआर कोड भेजा जिसके ओपन करते ही उसके खाते से 44998 रुपये कट गए। जब उन्होंने उससे पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसकी कॉल ही रिसीव करनी बंद कर दी। इसके बाद इस मामले में शहर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस जांच में धोखाधड़ी के आरोप में मुन्ना, अमजद, मुबारिक, अशोक व विजय का नाम सामने आया। जिनको पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया।
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गिरोह को मिलकर चला रहे थे सभी आरोपी, कई गिरफ्तारी अब भी बाकि
ठगी के इस गिरोह को लगभग 10 लोग मिलकर चला रहे थे। इसमें से पांच लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि बाकि आरोपियों कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापामारी कर रही है। शीघ्र ही इन आरोपियों के गिरफ्तार होने की पुलिस को उम्मीद है।
जिस खाते में प्रवेश के डले थे पैसे, उसमें और भी पांच लाख रुपये का हुआ है लेनदेन
जिस खाते में जवाहर नगर निवासी प्रवेश के साथ ठगी कर पैसे डाले गए थे। उसकी डिटेल में अभी तक सामने आया है कि इस खाते में कुल पांच लाख रुपये का लेनेदेन हुआ है। इसके अलावा बाकि खातों में हुए लेनदेन की जांच पुलिस कर रही है।
मानेसर कंपनी में काम करने वाले मजदूरों के खाते खुलवाकर बेचे जाते थे
मानेसर कंपनी में काम करने वाले मजदूरों के खाते खुलवाकर विजय और अशोक इनको मुबारिक को बेचते थे। मुबारिक इन खातों में लोगों को ठगकर पैसे डलवाता था। वह इन लोगों से तीन से पांच हजार रुपये में बैंक खाता, एटीएम कार्ड खरीद लेता था। इसके बाद इन खातों को ठगी के खेल में प्रयोग करता था।
जिले में साइबर ठगी के 100 से ज्यादा मामले
जिले में साइबर ठगी के 100 से ज्यादा मामले हैं। इन सभी मामलों को सुलझाने के लिए साइबर टीम बाकि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए काम कर ही है, ताकि जिला के लोगों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामलों को जल्दी सुलझाया जा सके। इन आरोपियों के माध्यम से इनके संपर्क के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। पकड़े गए आरोपियों से कई राज्यों में हुई साइबर ठगी के मामले सुलझने की उम्मीद है।
पकड़े गए सभी आरोपी आठवीं से 11वीं कक्षा तक शिक्षित
इस गिरोह में काम करने वाले पकड़े गए सभी आरोपी आठवीं से 11वीं कक्षा तक पढ़े लिखे हैं। इसके अलावा जो फरार चल रहे हैं उनमें बीटेक तक पढ़े लिखे हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए काम कर रही है।
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