संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में वायु प्रदूषण के के बढ़ते स्तर को देखते हुए जहां स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए थे, वहीं पर बारिश के कारण एक्यूआई तीन दिन पहले सामान्य स्तर तक पहुंच चुका था, लेकिन दीपावली पर्व पर पाबंदी के बाद हुई आतिशबाजी ने एक बार फिर इसके स्तर को बढ़ा दिया है, जिससे जिले की हवा में फिर से जहर घुल चुका है।
दीपावली की रात को जींद का एक्यूआई खतरनाक जोन में आ गया था, वहीं सोमवार को औसत एक्यूआई 344 पहुंच गया। 301-400 तक एक्यूआई में लंबे समय तक एक्सपोजर पर सांस की बीमारी होने का खतरा रहता है, जोकि सांस की बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
वहीं जींद जिले के एनसीआर में होने के चलते प्रशासन द्वारा पटाखों की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ था, लेकिन जमकर आतिशबाजी से पटाखों के प्रदूषण का असर सोमवार को पूरा दिन दिखा। नवंबर के पहले सप्ताह में जींद की हवा बेहद खराब रही। इसके चलते प्रदूषण का स्तर रेड जोन में रहा। इस कारण जहां नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई तो वहीं बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सांस लेने में परेशानी आने लगी। गत 10 नवंबर को हल्की बारिश हुई और वातावरण में फैली स्मॉग की चादर हट गई। वातावरण भी साफ हो गया और एक्यूआई 280 पर आ गया था, जो ज्यादा हानिकारक नहीं माना जाता। दिवाली की रात जमकर आतिशबाजी हुई तो फिर से एक्यूआई बढ़ गया और यह खतरनाक जोन में पहुंच गया। शाम 6 बजे से शहर में पटाखे जलने शुरू हुए थे और रात 12 बजे के बाद भी शहर की कई कॉलोनियों में पटाखे जलाए गए। जिला एनसीआर में होने के चलते पटाखों की बिक्री बैन थी, लेकिन रातभर बजने वाले पटाखे कहां से आए यह प्रशासन के लिए बड़ा सवाल है।
सांस के रोगियों को हुई भारी परेशानी
दीपावली पर्व पर पोटाश को लेकर चलाए पटाखों ने सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ा दी। वायु प्रदूषण भी खतरनाक स्थिति में रहा। इससे बच्चों को भी परेशानी हुई। अगर इसी तरह पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता रहा तो सांस व एलर्जी के मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है। फिलहाल सांस और दमे के मरीज अपना विशेष ध्यान रखें।
-डॉ. राजेश भोला डिप्टी सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।
प्रशासनिक टीमें पूरी तरह से सतर्क रहीं : डीसी
गुप्त रूप से जहां भी पटाखे बेचे जा रहे थे, उनकी सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन की टीम ने छापा मारकर पकड़ा गया है। पूरे जिले में पुलिस व प्रशासन की टीमें सक्रिय थीं। खुलेआम कहीं भी पटाखे नहीं बेचे गए हैं। इसके बावजूद दुकानदारों ने चोरी-छिपे पटाखे बेचे हैं तो इनके बारे में पता करवाया जाएगा।
- मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद।