एसडीएम कार्यालय के बाहर बैठे किसान।
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बारिश के बाद जलभराव से खराब हो रही फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने लघुसचिवालय पहुंच कर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार किसानों को मुआवजा देने में टाल मटोल कर रही है। किसानों ने एसडीएम सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि धान की आवक ज्यादा होती है, जबकि नरवाना क्षेत्र में राइस मिलों की सख्या कम है। इसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द किसानों की मागें पूरी नही की गई तो मजबूरन किसानों को रोड जाम करना पड़ेगा। किसान रघुबीर दनौदा, सत्यवान दनौदा, अग्रेज नैन, छोटू बेलरखां, बलवान दनौदा, अशोक नैन, दलबीर जाखड़, प्रदीप नैन ने कहा कि बारिश के कारण अधिकतर फसलें खराब हो चूकी हैं। इसके कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन जल्द गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दे।
वहीं धरोदी, इस्माइलपुर, फरैण व नरवाना क्षेत्र के किसानों ने खेतों में गंदा पानी निकासी की मांग रखी। इन गांवों के किसानों ने बताया कि नरवाना शहर के सीवरेज का गंदा पानी खेतों में भरा हुआ है। इसके कारण धान की फसल खराब हो चुकी है। यदि यही हाल रहा तो आगे गेहूं की भी बिजाई नहीं होगी। सरकार द्वारा विशेष गिरदावरी के आदेश आते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। धान खरीद को लेकर व्यापक प्रबंध किए जाएंगे।