नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे मृतक के परिजन।
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सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के दौरान शनिवार रात को हुए हादसे में राम कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय सुनील की मौत के बाद अभियान रुका गया है। इसको लेकर सोमवार को अधिकारी दिन भर योजना बनाते रहे, लेकिन किसी परिणाम पर नहीं पहुंचे। वहीं दूसरी ओर हादसे में जान गंवाने वाले युवक के परिजन आर्थिक सहायता व नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं। इसको लेकर अस्पताल में धरना जारी रहा और दूसरे दिन भी शव नहीं उठाया गया।
जींद। नगर परिषद के ठेकेदार के साथ मिलकर आवारा पशुओं को पकड़ते समय सड़क दुर्घटना मेें मारे गए तिगड़ाना निवासी हाल आबाद राम कालोनी निवासी सुनील का शव दूसरे दिन भी परिजनों ने नहीं उठाया।
धरने पर बैठे परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक की विधवा के लिए व उसकी दो वर्षीय बेटी की आर्थिक सहायता की जाए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए, हालांकि शव का अंतिम संस्कार करवाने के लिए रविवार को ही डीएसपी व एसडीएम ने मृतक के परिजनों के साथ बैठक कर समझाने का प्रयास किया था, लेकिन कई दौर की वार्ता के बाद भी मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अडिग रहे।
सड़कों पर बढ़ रहा खतरा
वहीं बारिश के बाद फिर से मच्छर होने से सड़कों पर बेसहारा पशुओं को खतरा बढ़ रहा है। हालांकि अभियान के दौरान करीब 100 पशुओं को गोशाला व नंदीशाला भेजा गया है, लेकिन शहर में करीब 1500 बेसहारा पशु हैं। ऐसे में अभी भी सड़कों पर बेसहारा पशुओं की भरमार है। इससे हादसे होने की आशंका है।
फिलहाल बंद है अभियान
हादसे के बाद अभियान बंद है। पहले इस विवाद को निपटाया जा रहा है। इसके बाद ही अभियान शुरू किया जाएगा।
राजेश कुमार, ठेकेदार।
गोहाना रोड पर टहल रहा गोवंश। संवाद- फोटो : Jind