नरवाना। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। पांच जिलों से पहुंचे नौ ड्रग अधिकारियों ने एक साथ 17 मेडिकल स्टोरों पर दबिश देकर लाइसेंस, दवाओं के रिकॉर्ड और फार्मासिस्ट की उपलब्धता की गहन जांच की।
कार्रवाई के दौरान अनियमितताएं मिलने पर शहर के दो मेडिकल स्टोर सील कर दिए जबकि कई दुकानदारों को कमियों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से एसडीसीओ सुनील चौधरी के नेतृत्व में यह संयुक्त रेड की गई।
टीम में करनाल, कैथल, जींद, पानीपत और सोनीपत जिलों के ड्रग कंट्रोल अधिकारी शामिल रहे। नरवाना पहुंचते ही टीम अलग-अलग समूहों में बंट गई। कुछ अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जांच की, जबकि अन्य ने शहर के प्रमुख मेडिकल स्टोरों पर दस्तावेजों और दवाओं की उपलब्धता की जांच शुरू की।
जांच के दौरान कुल 11 दवाओं के सैंपल लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। गुरथली रोड स्थित प्रेम नगर में नागरिक अस्पताल के सामने ओम मेडिकोज पर जांच के दौरान फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले और अन्य खामियां सामने आईं।
इस पर स्टोर को सील कर दिया गया। वहीं एमएस मलिक मेडिकल हॉल में भी अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। गांवों में जांच के दौरान तीन मेडिकल स्टोर बंद मिले, जिनकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
वर्जन
दवा कारोबार में नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
- सुनील चौधरी
एसडीसीओ, नरवाना