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जींद: मिठाई बांटकर खुशी मनाई, लेकिन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बावजूद धरने पर डटे रहेंगे किसान

Fri, 19 Nov 2021 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)

सार

किसानों ने कृषि कानूनों के वापस होने की घोषणा होने के बाद मिठाई बांटकर, पटाखे छोड़कर व गुलाल लगाकर खुशी मनाई। लेकिन अभी आंदोलन वापस लेने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।
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नरवाना के बद्दोवाल टोल प्लाजा पर मिठाई बांटकर खुशी जताते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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करीब एक साल से चल रहे किसान आंदोलन के बीच शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान कर दिया। इससे किसानों में खुशी की लहर तो है, लेकिन अभी आंदोलन वापस लेने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके चलते हरियाणा के जींद जिले के खटकड़ और बद्दोवाला टोल व उचाना लघु सचिवालय के बाहर किसानों का धरना जारी रहा।

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हालांकि किसानों ने कृषि कानूनों के वापस होने की घोषणा होने के बाद मिठाई बांटकर, पटाखे छोड़कर व गुलाल लगाकर खुशी मनाई। किसानों ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला आने तक धरने पहले की तरह ही चलते रहेंगे।

उचाना लघु सचिवालय के बाहर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला प्रधान आजाद पालवां के नेतृत्व में किसानों ने खुशी मनाई। उन्होंने लड्डू बांटे और पटाखे भी जलाए। किसान नेता आजाद पांलवा, बलवीर सिंह, पालाराम, सिक्किम व ज्ञानीराम ने कहा कि यह जीत किसानों की जीत है। इस जीत ने साबित किया है कि किसी की तानाशाही नहीं चलती है। तमाम किसान संगठनों ने आंदोलन में अपनी भागीदारी निभाई। उन्होंने कहा किसानों की एकजुटता के कारण ही सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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700 किसानों को भी दिलवाया जाएगा न्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद किसान नेता सतबीर पहलवान ने कहा कि अभी सिर्फ घोषणा हुई है। जिस प्रकार संसद में बिल लाकर कानून बनाए गए, उसी प्रकार संसद में इन्हें वापस किया जाना चाहिए। अभी किसानों को आंशिक जीत मिली है। संसद में कानून वापस होने के बाद ही पूरी जीत होगी।

यह भी पढ़ें ः Farm Laws Repeal: किसानों के संघर्ष की जीत, आंदोलन में हिसार के 6 किसानों ने दी जान की कुर्बानी

एक साल में जिले के दो टोल प्लाजा पर करीब 65 करोड़ का नुकसान
पिछले एक साल से किसान आंदोलन चलने से जिले का खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा बंद पड़े हैं। दोनों टोल प्लाजा पर प्रतिदिन करीब नौ लाख रुपये एकत्रित होते थे। टोल प्लाजा के अधिकारियों के अनुसार एक साल में करीब 65 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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आंदोलन में किसान जीते, सरकार हारी
प्रधानमंत्री की कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर नरवाना क्षेत्र के किसानों में खुशी है। बद्दोवाल टोल प्लाजा पर डीजे पर नृत्य करके व मिठाई बांटकर जश्न मनाया गया। वहीं ढाबी टेक सिंह गांव की महिलाएं भी खुशी से नृत्य करती दिखाई दीं। प्लाजा पर उपस्थित किसान मजदूर नेता होशियार सिंह, सुनील व अंकुश परोचा ने कहा कि किसान आंदोलन की यह पहली जीत है और पूरी जीत तब होती जब संसद में तीनों कानूनों को वापस ले लिया जाएगा।

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