करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर शनिवार को पुलिस द्वारा किसानों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को क्षेत्र के किसानों ने शहर में प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय परिसर में एसडीएम सुरेंद्र सिंह को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके मांगपत्र को सरकार तक भेज दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि बसताड़ा टोल पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए अधिकारी ने सरकार के इशारे पर पुलिस को आदेश दिए कि कोई भी किसान बिना सिर फूटे प्रशासन के बैरिकेड को पार नहीं करना चाहिए। इसके बाद बड़ी क्रूरता से पुलिस द्वारा किसान व मजदूरों को पीटा गया। जबकि किसान शांतिपूर्ण तरीके से भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का विरोध कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि प्रशासन ने बसताड़ा टोल पर किसानों को लहूलुहान कर दिया। मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि सरकार की तानाशाही अब सिर चढ़कर बोल रही है। सरकार को देश की जनता से नहीं सिर्फ अपनी राजनीति से प्यार है। इस प्रकार का शासन प्रदेश के लोगों को अफगानिस्तान की याद दिला रहा है। क्योंकि भाजपा की केंद्र सरकार भारत में तालीबानियों की भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि देश से अंग्रेजों का शासन भले ही खत्म हो गया है। लेकिन काले अंग्रेज आज भी किसान व मजदूरों पर अपना कहर बरपा रहे हैं। लेकिन देश की जनता को इसका जवाब भी जरूर देगी। क्योंकि आज देश कर हर वर्ग भाजपा की नीतियों से तंग आ चुका है।
डिंपल दनौदा ने कहा कि आंदोलन की बदनामी के लिए सरकार आज इतनी गिर चुकी है कि उसे अपने देश के लोग आतंकवादी नजर आने लगे हैं। कोई नेता आंदोलन का समर्थन करता है तो उस पर किसी न किसी तरह की रेड डलवाकर डराया जाता है। लेकिन देश की जनता यह समझ चुकी है कि भाजपा का असली रूप क्या है और देश की जनता से इन्हें कितनी नफरत है।
वहीं खटकड़ टोल पर किसानों की मीटिंग हुई। खेड़ा खाप प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि पुलिस द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज करना निंदनीय है। किसान शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। जब किसानों ने एलान कर रखा है कि अगर कोई भी भाजपा या जजपा नेता का कार्यक्रम होगा तो किसान उसका विरोध करेंगे तो क्यों सरकार कार्यक्रमों का आयोजन कर उनको उकसा रही है। लाठीचार्ज के दौरान एक किसान की मौत भी हो गई है और काफी किसानों को चोट आई है।
किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुगर मील पर सरकार का जलाया पुतला
शुगर मिल लंगर पर रविवार को बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। सरकार के इस तानाशाही रवैये के खिलाफ किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया गया। किसानों ने कैमरे पर पुलिस को आदेश देने वाले एसडीएम आयुश सिंहा को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। दलबीर नंबरदार ने कहा कि इस घटना से पूरे देश में भारी रोष है। इस अवसर पर बिजेंद्र, रामचंद्र, राजबीर, सुभाष, जसबीर, रामनिवास धनखड़ी मौजूद रहे।
लाठीचार्ज के विरोध में जनसंगठनों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने रविवार को लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर करनाल में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में सरकार का पुतला जलाया और नायब तहसीलदार दीपक को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू व नौजवान सभा के सदस्य शामिल हुए।
किसान सभा के जिला प्रधान रोहताश नगूरां ने कहा कि करनाल में भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक होनी तय थी। इसमें मुख्यमंत्री समेत प्रदेश के नेता शामिल होने थे। संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा प्रदेश में भाजपा-जजपा के कार्यक्रमों के विरोध के आह्वान पर किसान बसताड़ा टोल प्लाजा पर एकत्रित हुए थे। लेकिन पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की आम जनता इन कृषि कानूनों की असलियत समझ चुकी है। सरकार को जवाब देना ही होगा।
एसडीएम सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन देते किसान। संवाद- फोटो : Jind
सरकार का पुतला फूंकते जनसंगठनों के सदस्य। संवाद- फोटो : Jind