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पुराने स्टेडियम में मोटर मिली खराब तो भड़के डीसी

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जींद। शहर में चल रहे विकास कार्य और विभिन्न संस्थानों की स्थिति का जायजा लेने के लिए डीसी डॉ. मनोज कुमार ने मंगलवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अर्जुन स्टेडियम में फुटबाल के मैदान की घास सूखी हुई मिली। इस पर डीसी ने पता किया तो उन्हें बताया गया कि स्टेडियम के बोर की मोटर पिछले छह महीने से खराब है। इस पर डीसी ने यहां के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वे इतना वेतन लेते हैं। अपनी जेब से भी मोटर ठीक करवा सकते हैं। डीसी ने कहा कि सरकार इतना पैसा देती है, लेकिन अधिकारी समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारते। इसके अलावा एकलव्य स्टेडियम के पास बने हुए स्वीमिंग पूल की हालत भी खस्ता मिली। इस पर डीसी ने कहा कि स्वीमिंग पूल को ठेके पर दिया जाएगा।
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डीसी डॉ. मनोज कुमार ने मंगलवार को निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, अर्जुन स्टेडियम, एकलव्य स्टेडियम व सफीदों रोड का निरीक्षण किया। अर्जुन स्टेडियम में काफी गंदगी मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद स्टेडियम का निरीक्षण करते हुए फुटबाल के मैदान की घास सूखी मिली। डीसी ने इसके बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि स्टेडियम के बोर की मोटर पिछले करीब छह महीने से खराब है। डीसी ने पूछा कि मोटर ठीक क्यों नहीं करवाई। उन्होंने कहा कि अधिकारी व कोच इतना वेतन लेते हैं। यदि वे चाहें तो अपनी जेब से भी ठीक करवा सकते हैं। इसके बाद एकलव्य स्टेडियम का निरीक्षण किया तो यहां काफी जगह शीशा टूटा हुआ मिला। डीसी ने रखरखाव नहीं होने पर नाराजगी जताई। वहीं स्टेडियम के पास बने स्वीमिंग पूल में काफी गंदगी मिली। उन्होंने इसको लेकर भी अधिकारियों को फटकार लगाई। डीसी ने कहा कि इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर उन्हें भिजवाएं। इसके बाद स्वीमिंग पूल को तैयार कर ठेके पर दिया जाएगा, ताकि इसका नियमित रूप से रखरखाव हो सके।
समय पर पूरा करवाएं मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करते हुए डीसी ने कहा कि यह जिले की सबसे बड़ी परियोजना है। इसको समयबद्ध तरीके से पूरा करवाएं। इसमें प्रयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करते रहें। डीसी ने निर्माणाधीन स्थलों पर जाने के लिए भी सही निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता नवनीत ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के पहले चरण में 12 बड़े ब्लॉक बनाए जाने हैं। इनमें 84173 वर्ग गज में शिक्षण खंड, 28229 वर्गगज में शैक्षणिक खंड, ब्लाक अस्पताल, 269 वर्गगज में पुलिस स्टेशन, 100 वर्ग गज में कचरा प्रबंधन भवन, बिजली घर, 7382-7382 अलग-अलग वर्गगज में लडके व लड़कियों का हॉस्टल, नर्सिंग हॉस्टल, 6168 वर्गगज में जूनियर और सीनियर चिकित्सकों के लिए हॉस्टल, 382 वर्गगज में निदेशक आवास, 102 वर्गगज में बिजली सबस्टेशन, गेस्ट हाउस, 650 बेड का अस्पताल, पैथ लैब के लिए इमारत, ब्लड बैंक, ओपीडी भवन, रेडियोग्राफी ब्लॉक जैसे भवन शामिल हैं।
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