जींद के गांव कंडेला निवासी रणबीर ने बताया कि रात दो बजे के बाद हल्की बारिश शुरू हुई थी, जिसके बाद बारिश तेज हो गई। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर के अंदर सो रहा था तो लाइट चली जाने के बाद बाहर बरामदे में चले गए।
जींद में अल सुबह हुई बारिश से जहां खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई तो वहीं गांव कंडेला में एक घर पर आसमानी बिजली गिरी, जिसके चलते घर के सारे बिजली उपकरण, बेड, गद्दे और दूसरा प्लास्टिक का सामान जलकर राख हो गया। गनीमत यह रही कि परिवार के लोग 20 मिनट पहले ही वहां से उठकर बाहर बरामदे में चले गए थे।
विज्ञापन
बिजली उपकरणों से धुआं उठने लगा
गांव कंडेला निवासी रणबीर ने बताया कि रात दो बजे के बाद हल्की बारिश शुरू हुई थी, जिसके बाद बारिश तेज हो गई। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर के अंदर सो रहा था तो लाइट चली जाने के बाद बाहर बरामदे में चले गए। सुबह तीन बजे घर के रोशनदान से अचानक बिजली की चमक आई और कमरे में रखे बैटरी, बिजली की फिटिंग, बोर्ड और दूसरे बिजली उपकरणों से धुआं उठने लगा।
पूजा के लिए छोटा मंदिर बनाया हुआ था, इसमें भी रखा सारा सामान खाक हो गया तो वहीं प्लास्टिक के डिब्बे, बच्चों की कॉपी-किताबें, बेड, गद्दे समेत दूसरे सामान में आग लग गई। किसी तरह पानी डालकर आग को बुझाया गया। रणबीर ने बताया कि बिजली गिरने से करीब 20 मिनट पहले ही वह परिवार के साथ उठकर बाहर बरामदे में आकर लेट गया था। आसमानी बिजली गिरने से उसे काफी नुक्सान हुआ है।