हरियाणा के जींद के कालवा गांव में वर्ष 2019 में व्यक्ति की हत्या कर तारकोल के बॉयलर में डालने के छह दोषियों को रितु गर्ग की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त सभी दोषियों पर अलग-अलग 45 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। इसमें अदालत ने कालवा गांव निवासी विजेंद्र, जितेंद्र, बादल, दीपक, धर्मेंद्र, रविंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कालवा गांव निवासी अजय ने पिल्लूखेड़ा पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 21 मार्च 2019 को वह अपने पड़ोसी मनजीत के साथ गांव के साथ लगते पीर पर पूजा करने के लिए गए थे। उसी समय गांव के जितेंद्र, बादल, बिजेंद्र, दीपक, धर्मेंद्र, रविंद्र उर्फ मरिंडा ने उनके साथ मारपीट की। बाद में वह और उसका भाई सोनू व पिता धर्मपाल इसकी शिकायत करने के लिए आरोपियों के घर गए थे, जहां पर उनके साथ फिर से मारपीट की गई।
इसी दौरान उनके पिता घर से लापता हो गए और उन्हें आरोपियों ने कहीं बंधक बनाकर रख लिया। पुलिस ने इस पर सभी आरोपियों के खिलाफ मारपीट व अपहरण का केस दर्ज किया। बाद में अजय और उनके परिजन धर्मपाल की बरामदगी व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी से मिले थे।
एसपी ने डिटेक्टिव स्टाफ को मामले की जांच सौंपी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे पूछताछ की तो धर्मपाल की हत्या कर शव को बॉयलर में डालने की पुष्टि हुई तो पुलिस आरोपियों को लेकर प्लांट में पहुंची और बॉयलर को गैस कटर से काटकर धर्मपाल के शव को बरामद कर लिया था। उसी समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। इस मामले में सोमवार को रितु गर्ग की अदालत ने सुनवाई करते हुए छह दोषियों विजेंद्र, जितेंद्र, बादल, दीपक, धर्मेंद्र, रविंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।