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घायलों का नहीं किया इलाज, एमएलआर काटी न पुलिस को दी सूचना

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नागरिक अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर(प्रतीकात्मक चित्र) - फोटो : Jind
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नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार नहीं करने, उनके तीमारदारों को धमकाने व अभद्रता के मामले की जांच सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल व वरिष्ठ दंत सर्जन डॉ. रमेश पांचाल को सौंप दी है। इसके अलावा इमरजेंसी चिकित्सकों व डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला के बीच विवाद के मामले की जांच भी दोनों चिकित्सकों की टीम करेगी।
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बताते चलें कि रविवार शाम को लगभग छह बजे गांव रामकली निवासी मनजीत, जोगेंद्र व दीपक गांव निर्जन में हुए एक झगड़े में घायल हो गए थे। तीनों को नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। यहां आठ बजे तक तीनों घायलों का न तो चिकित्सकों ने इलाज किया और न ही उनकी एमएलआर काटी। पुलिस को इस झगड़े के मामले की सूचना भी नहीं भेजी। घायलों के तीमारदारों ने एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल, विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा, डीसी, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला के पास फोन किया। इसके बावजूद इन चिकित्सकों ने मरीजों का उपचार नहीं किया। बाद में डॉ. राजेश भोला मौके पर पहुंचे और मरीजों का उपचार नहीं करने पर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों को फटकार लगाई।
इस पर इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक बिफर गए और इमरजेंसी वार्ड को छोड़कर निकल गए। यहां लगभग एक घंटे तक डॉ. राजेश भोला ने इमरजेंसी सेवाएं संभाली। सोमवार को इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक धरने पर बैठ गए। इसके बाद मरीज के तीमारदारों ने इमरजेंसी चिकित्सकों के खिलाफ जातिसूचक गालियां देने, अभद्रता करने व मरीजों का इलाज नहीं करने के आरोप लगाए। वहीं इमरजेंसी चिकित्सकों ने डॉ. राजेश भोला पर अभद्रता के आरोप लगाए। डॉ. राजेश भोला ने इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों पर आदेश नहीं मानने व इमरजेंसी को छोड़कर मरीजों को रामभरोसे छोड़ने के आरोप लगाए। तीनों पक्षों ने अपनी-अपनी शिकायतें सिविल सर्जन को दी।
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चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग
मंगलवार को जिले के सभी पत्रकारों ने इकट्ठे होकर एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल से मुलाकात की। पत्रकारों ने कहा कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने पत्रकारों के साथ भी अभद्रता की है। आम लोगों को नागरिक अस्पताल में कोई इलाज नहीं मिल रहा है। बिना वजह मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। इमरजेंसी में तो बहुत ही बुरा हाल है। यहां मरीज तड़पते रहते हैं लेकिन चिकित्सक इलाज नहीं करते। अदालत के चक्कर काटने से बचने के लिए यह चिकित्सक मरीजों की एमएलआर नहीं काटते हैं।
अभी तक किसी जांच में नहीं हुई कोई कार्रवाई
नागरिक अस्पताल प्रशासन जांच के नाम पर केवल कागजी दिखावा करता है। आज तक अस्पताल में चिकित्सकों व कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। चिकित्सकों की कमेटी जांच के नाम पर पीड़ितों व अन्य लोगों के बयान दर्ज करवा लेती है और उसे फाइल कर दिया जाता है। सितंबर 2020 में नागरिक अस्पताल में मीडिया कर्मियों ने कर्मचारियों को शराब पीते हुए सरेआम पकड़ा था। इसकी वीडियो व फोटो भी अस्पताल प्रशासन को मुहैया करवाए थे लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे ही चिकित्सकों के खिलाफ मरीजों ने शिकायतें दी हैं लेकिन आज तक कार्रवाई के नाम पर किसी चिकित्सक के खिलाफ कुछ नहीं हुआ।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल व डॉ. रमेश पांचाल की टीम जांच करेगी। यह कमेटी सभी शिकायतों को एक साथ देखेगी। इसमें जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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--डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
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