भवन निर्माण कामगार यूनियन ने मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करते हुए जिला सचिव कपूर की अध्यक्षता में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नाम उपमंडल कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि देश व दुनिया के विकास में मजदूरों व कारीगरों की मुख्य भूमिका रही है। मजदूरों की बदौलत मानव जीवन में नई-नई तकनीक व खोज संभव हो पाई। वहीं आज मजदूर बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी व बेघर जीवन जीने पर मजबूर हैं।
उन्होंने कहा की 72 साल की आजादी के बावजूद सत्ता में रही तमाम पूंजीवादी पार्टियों की नीतियों के कारण जरूरतमंद और अमीर के बीच खाई बढ़ती जा रही है। बड़े पैमाने पर उद्योग बंद हो रहे हैं। छंटनी की जा रही है। इसके कारण बेरोजगारी और विकराल रूप ले रही है। इसके कारण प्रदेश अब पूरे देश में बेरोजगारी की दर में सबसे आगे निकल गया है। सरकार द्वारा श्रम कानूनों में बड़े पैमाने पर बदलाव करके पूंजीपतियों के हक में कानून बनाए जा रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव देश के असंगठित मजदूरों पर पड़ रहा है। बढ़ती बेरोजगारी के कारण निर्माण मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं मजदूरों की पहुंच से बाहर होती जा रही है। निर्माण मजदूरों के लिए कल्याण बोर्ड को सरकार खत्म करने पर तुली हुई है। इसके अलावा जिला के हजारों मजदूरों कारीगरों के आवेदन ऑनलाइन किए हुए हैं। इसमें से अधिकतर आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। इससे निर्माण के मजदूरों कारीगरों में भारी रोष है। अगर इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज करते हुए आठ जनवरी को देशव्यापी हड़ताल में यूनियन शामिल होगी। इस अवसर पर विनोद पालवां, रमेश, बीरभान, कांता, कमलेश, रानी, बीरमती भी मौजूद रहे।
भवन निर्माण मजदूरों की मुख्य मांगें
छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करवाई जाए। कन्यादान, मातृत्व, पितृत्व व मृत्यु सहायता राशि जारी करवाई जाए। ऑनलाइन किए गए पंजीकरण को सत्यापित किया जाए। निर्माण मजदूरों के 90 दिन के काम के सत्यापन पर नियोजक की मान्यता दी जाए। संबंधित अधिकारी द्वारा 90 दिन के काम के सत्यापन पर ठेकेदार की मोहर के साथ उसके लाइसेंस की कॉपी, कनिष्ठ अभियंता, ग्राम सचिव, पटवारी, बीडीओ, तहसीलदार से सत्यापन करवाने का नियम जारी किया जाए।
श्रम कल्याण बोर्ड के कर्मचारी व अधिकारी निर्माण मजदूरों व कारीगरों से बदसलूकी व दुर्व्यवहार करते हैं। इस कारण निर्माण मजदूर व कारीगरों को जिला कार्यालय में कोई भी पंजीकरण से संबंधित कार्य करवाने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। मजदूरों का पंजीकरण जल्द से जल्द करवाया जाए। जिले में लेबर शेड का निर्माण करवाया जाए।
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