पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरनाम सिंह चढुनी। संवाद।
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सफीदों।(जींद) कैथल से सिंघु बॉर्डर पर जाने वाले किसानों के जत्थे का सफीदों के खानसर चौक पर किसान यूनियन के सदस्यों ने स्वागत किया।
इस दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि कृषि कानून लाकर लगता है भाजपा की आत्मा मर चुकी है। पिछले आठ महीने से किसान बॉर्डर पर बैठे हुए हैं, लेकिन भाजपा सरकार अपनी हठधर्मिता पर अडिग है और किसानों की मांग मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है।
किसान आंदोलन के दौरान 400 से ज्यादा किसानों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसानों ने भी तीनों कृषि कानूनों के रद्द होने तक बिल्कुल भी पीछे नहीं होने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब हर सप्ताह में अलग-अलग गांव से किसानों के जत्थे निकाले जाएंगे। बुढ़ा खेड़ा गांव से मिट्टी और पानी लेकर एक जत्था रवाना हुआ है। गांव रताखेड़ा से एक युवा बॉर्डर कांवड़ लेकर रवाना हुआ।