जींद। पिछले करीब तीन साल से लोगों के लिए जी का जंजाल बने रोहतक रोड का अब भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। सड़क धंसने के मामले की चल रही जांच इसका कारण हैं। मंगलवार को एडीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों के साथ पहुंचकर यहां जांच की।
हालांकि यह जांच करीब एक महीना पहले शुरू की गई थी, लेकिन खोदाई नहीं होने के कारण काम बीच में रुक गया था। अब मंगलवार को अधिकारियों ने सैंपल लिए हैं। गौरतलब है कि अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डालने के काम के चलते रोहतक रोड को करीब तीन साल पहले उखाड़ा गया था। इसी साल जुलाई महीने में सड़क बनाई भी गई, लेकिन जुलाई महीने में ही हुई बारिश के कारण पूरी सड़क धंस गई थी। ऐसे में इसकी जांच की जा रही है। हालांकि मामले की जांच विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी द्वारा भी की जा रही है, लेकिन डीसी द्वारा एडीसी सहिल गुप्ता की अध्यक्षता में स्थानीय स्तर पर जांच टीम बनाई गई है। ऐसे में मंगलवार को इसी टीम ने रोहतक रोड पर पहुंच कर सैंपल लिए हैं। इसमें बारिश के पानी और सीवर लाइन की पाइप, इसको डालने में प्रयोग की गई सामग्री के सैंपल लिए गए हैं।
नद व लोक निर्माण के बीच उलझा है माला
यह मामला नगर परिषद व लोक निर्माण विभाग के बीच उलझा हुआ है। दरअसल यह सड़क लोक निर्माण विभाग की है और यहां पाइपलाइन नगर परिषद द्वारा डाली गई है। अब दोनों ही अधिकारी एक दूसरे पर सड़क धंसने का ठीकरा फोड़ रहे हैं। ऐसे में यह जांच टीम अब सच्चाई जाने का प्रयास कर रही है। इस में जिला नगर आयुक्त और लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग केएक्सईन के साथ-साथ एनआईटी कुरुक्षेत्र के विशेषज्ञ को भी शामिल किया गया है।
आज होगी सब्जेक्ट कमेटी की बैठक
जींद से भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि इस मामले में सब्जेक्ट कमेटी की बैठक बुधवार को चंडीगढ़ में होनी है। इसमें जांच की प्रगति की रिपोर्ट का पता किया जाएगा। किसी भी सूरत में दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जनता के पैसे की बर्बादी करने वालों को जरूर सजा मिलेगी।
लिए हैं सैंपल
जींद नगर परिषद के एमई भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंगलवार को पाइप लाइन से सैंपल लिए गए हैं। यह अधिकारियों के स्तर का मामला है। जांच में जो भी आएगा, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।