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जिले की 13 में से चार अनाज मंडियों में बंद हुई पीआर धान की खरीद

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अलेवा अनाजमंडी में आया धान। - फोटो : Jind
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जींद। जिले की चार मंडियों में पीआर धान बेचने वाले किसानों के लिए बुरी खबर है। अब प्रदेश सरकार ने जिले की जींद, जुलाना, धनौरी व बरटा की मंडियों में पीआर धान खरीद के कार्य को पूरी तरह से बंद कर दिया है। हालांकि इसके अलावा फिलहाल अलेवा, धमतान, गढ़ी, खरल, नगूरां, नरवाना, पिल्लूखेड़ा, सफीदों, उचाना व मंगलपूर की मंडियों में पीआर धान की खरीद जारी रहेगी।
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जिले की इन चार मंडियों में पीआर धान की खरीद बंद होने से लगभग पीआर धान के उत्पादक 15 हजार किसानों के लिए परेशानी खड़ी होगी। फिलहाल धान की कटाई का कार्य जारी है। प्रतिदिन इन मंडियों में पांच हजार क्विंटल से ज्यादा पीआर धान की आवक हो रही थी। जिसके चलते अब तक जिन किसानों ने पीआर धान मंडी में नहीं बेचा है, उनके लिए अब इन चार मंडियों में धान बेचने में बड़ी परेशानी पैदा होगी। इन किसानों को जिले की दूसरी दूर दराज की मंडियों में अपना धान बेचना होगा।
जिले की मंडियों में अब तक हुई 194105 मीट्रिक टन धान की आवक
जिले की अनाज मंडियों में अब तक 194105 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें अलेवा में 11018 मीट्रिक टन, धमतान में 22612, धनौरी में 6193, गढ़ी में 14734, जींद में 6038, जुलाना में 5558, खरल में 6325, नंगूरा में 2900, नरवाना में 64679, पिल्लूखेड़ा में 15747, सफीदों में 22710 , उचाना में 11305, मंगलपुर में 3829 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है।
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सरकार के निर्देशों पर हुई पीआर धान की खरीद बंद : संजीव
जींद मंडी के सचिव संजीव कुमार ने बताया कि पीआर धान की खरीद बंद होने के कारण मंडियों में जो पीआर धान आ रहा है, या फिर पहले से पड़ा है। इसकी खरीद के लिए अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आई। सरकार की तरफ से गाइडलाइन आने पर ही मंडियों में पड़े पीआर धान की खरीद की जाएगी। आगामी आदेशों तक धान खरीद का कार्य मंडी में बंद किया गया है।
अलेवा अनाज मंडी में पिछले वर्ष से 56334 क्विंटल पीआर धान ज्यादा पहुंचा
अलेवा। अलेवा अनाज मंडी में इस वर्ष पीआर धान की आवक पिछले वर्ष की तुलना में 56334 क्विंटल बढ़ी है। हालांकि पिछले वर्ष अलेवा अनाज मंडी में 78040 तो इस वर्ष 134374 क्विंटल धान की आवक हुई।
मंडी में आए इस धान में से अब तक एक लाख क्विंटल का उठान भी हो चुका है। मंडी में इस धान की खरीद हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस ने की है। जबकि नगूरां परचेज सेंटर में पहली बार एफसीआई द्वारा खरीद की गई। एफसीआई ने नगूरा खरीद केंद्र से 27 हजार क्विंटल धान की खरीद की, जबकि परचेज केंद्र काफी वर्षों से चल रहा है।
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