जींद। अमरूत योजना के तहत पाइप लाइन डालने के बाद रोहतक रोड धंसने के मामले में विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी द्वारा की गई जांच के बाद अब अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। इसके तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जींद नगर परिषद के दो जेई के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर भेज दी है। वहीं जिला नगरायुक्त मेजर गायत्री अहलावत ने कार्रवाई के लिए यह रिपोर्ट नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को भेज दी है।
गौरतलब है कि शहर में अमरूत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई है। इसके बाद लोकनिर्माण विभाग द्वारा रोहतक रोड का निर्माण किया गया था। पिछले साल जुलाई में हुई बारिश के दौरान पाइप लाइन दबाने के बाद बनाई गई रोहतक रोड और मिनी बाईपास की सड़कें धंस गई थी। जींद के भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने इस मामले की जांच विधानसभा की सब्जेक्ट कमेटी से करवाई। इसमें सब्जेक्ट कमेटी ने जींद के डीसी से जांच करवाई और इसके आधार पर 11 अधिकारियों को जिम्मेदार पाया गया। इसमें नगरपरिषद सात व जन स्वास्थ्य विभाग के चार कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। ऐसे में शहरी स्थानीय विभाग के निदेशक द्वारा तत्कालीन जेई अमित कुमार व जेई उमेद सिंह के के खिलाफ चार्जशीट भेज दी है। जिला नगरायुक्त मेजर गायत्री अहलावत द्वारा यह चार्जशीट कार्रवाई के लिए कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद को भेज दी है।
सब्जेक्ट कमेटी को भेजी जांच रिपोर्ट
हालांकि अभी सिर्फ दो जेई के खिलाफ ही चार्जशीट आई है, लेकिन अन्य के खिलाफ अभी चार्जशीट नहीं मिली है। हालांकि डीसी द्वारा की गई जांच में धरातल की स्थिति की रिपोर्ट सब्जेक्ट कमेटी को भेजी गई। इसके आधार पर सब्जेक्ट कमेटी ने दोनों विभागों के उन जेई, एमई व एक्सईएन के नाम मांगे थे। इस पर नगर परिषद द्वारा तत्कालीन एक्सईएन, प्रदीप कल्याण, राहुल पूनिया, रामेश कुमार व सुमित कुमार सहित एमई भूपेंद्र सिंह और जेई उमेद सिंह व अमित कुमार के नाम दिए गए। अमित कुमार फिलहाल पदोन्नति पाकर जाखल में एमई के पद पर हैं। इसके अलावा जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्कालीन एक्सईएन संजय शर्मा, एसडीओ सतीश नैन व जेई सन्नी रोहिला के नाम दिए गए हैं। नगरपरिषद के दो जेई को छोड़ कर अन्य किसी की चार्जशीट नहीं आई है।
दो जेई को चार्जशीट के आदेश मिले, कार्रवाई के लिए लिखा गया पत्र
इस मामले में मुख्यालय की तरफ से कर्मचारियों की जानकारी मांगी थी। इसमें चार एक्सईएन, एक एमई और दो जेई की रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके आधार पर दो जेई के खिलाफ चार्जशीट मिली है। इस पर कार्रवाई के लिए संबंधित कार्यकारी अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
- मेजर गायत्री अहलावत, डीएमसी।
जेई उमेद सिंह व अमित कुमार पर आरोप
शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की ओर भेजे गए पत्र में जेई उमेद सिंह व अमित कुमार पर आरोप लगाए गए हैं कि उनके 17 दिसंबर 20196 से 25 मई 2021 तक जींद नगर परिषद में जेई के कार्यकाल के दौरान यह काम प्रगति पर था। बारिश के कारण सड़क धंस गई। इससे काफी परेशानी ह्रुई।
रोहतक रोड पर करीब 650-700 मीटर व मिनी बाईपास पर 350-400 मीटर सड़क धंसी है। आरोप है कि जेई द्वारा एजेंसी द्वारा किए जा रहे काम का सही निरीक्षण नहीं किया गया। इसमें जेई की विफलता पाई गई है। यहां तक की जांच के दौरान मौके पर नियमों के अनुसार कंक्रीट व सड़क नियमानुसार नहीं पाई गई। इतना ही नहीं, इस कार्य में प्रयोग की गई सामग्री, मिट्टी का जमाव, पानी की जकडन, पाइप के परीक्षण एंव जोड़ों को सील करने के लिए कोई गुणवत्ता नियंत्रण परीक्षण नहीं किया गया।
चार्जशीट में लिखा गया है कि यह स्पष्ट रूप से आपके (जेई) के तकनीकी कौशल और ज्ञान की कमी को दर्शाता है। जिसके परिणाम स्वरूप, उक्त सड़क के धंसने के कारण उनकी जिम्मेदारी बनती है। एडीसी की रिपोर्ट में भी उन्हें दोषी पाया गया है। चार्जशीट में लिखा गया है कि सरकारी अधिकारी होने के नाते विभागीय नियमों व सिविल सेवा नियमों की अवहेलना की है। जिससे अनुशासनिक कार्रवाई का पात्र पाया गया है।