नेशनल हाईवे नंबर-9 से इसको बहादुरगढ़ में कनेक्ट किया गया है। पश्चिमी-दक्षिणी दिल्ली, आईजीआई एयरपोर्ट और गुुरुग्राम के लोग यूईआर-2 के जरिए एनएच-44 तक भी आसानी से पहुंच पाएंगे। इससे चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से आसपास के इलाकों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लगभग सारा रोड रेड लाइट (ट्रैफिक लाइट) फ्री होगा।
अगर केवल दिल्ली की बात की जाए तो दिल्ली में यह एक्सप्रेस-वे अलीपुर के बकोली गांव से शुरू होकर बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका के जरिए से एनएच-2 से होकर गुजरेगा। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र से इसकी पहली चार लेन शुरू है और यह हरियाणा के सोनीपत के गांव बड़वासनी में एनएच-352 ए तक जाएगी।
इसके बाद वाली छह लेन बक्करवाला से शुरू होकर हरियाणा के बहादुरगढ़ बाईपास के पास एनएच-9 तक जाएगी। बहादुरगढ़ में इस मार्ग का करीब आधा किलोमीटर का टुकड़ा बन रहा है। मार्ग को एनएच-9 से जोड़ने के लिए बहादुरगढ़ में बाईपास से एलिवेटिड रोड बनाया जा रहा है। दिल्ली के दिचाऊ कलां से बहादुरगढ़ बाईपास तक इसकी लंबाई 7.3 किलोमीटर होगी।
क्रमांक पैकेज लंबाई किमी में लागत रुपये करोड़ों में
1. एनएच-1 से कराला-कंझावला रोड 15 1,552
2. कराला-कंझावला रोड से नांगलोई-नजफगढ़ रोड 13.450 1,121
3. नांगलोई नजफगढ़ रोड से द्वारका सेक्टर-24 रोड 9.661 685.31
4. बवाना औद्योगिक क्षेत्र से शुरू हो सोनीपत के गांव बड़वासनी तक 29.6 694
5. बक्करवाला से बहादुरगढ़ बाईपास के निकट यूईआर-2 7.269 324