झज्जर। मातनहेल गांव में प्रस्तावित सैनिक स्कूल, अहीर रेजिमेंट के गठन व जमालपुर सीएचसी का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में गूंजा। पूर्व शिक्षामंत्री व झज्जर से विधायक गीता भुक्कल ने विधानसभा में मुद्दा उठाया तो सैनिक एवं अर्ध सैनिक वेलफेयर डेवलपमेंट राज्य मंत्री ओपी यादव ने जवाब दिया। कहा कि अभी सैनिक स्कूल के लिए जमीन देख रहे हैं। जमीन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सैनिक स्कूल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गीता भुक्कल ने यह भी कहा कि वे जब से राजनीति में आई हैं तब से यह बात सुनती आ रही हैं कि मातनहेल में सैनिक स्कूल बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने भी इसके लिए प्रयास किए हैं और आपकी सरकार ने भी प्रयास किए हैं। इसके लिए बार-बार योजनाएं बनाई गईं, लेकिन सैनिक स्कूल अभी तक नहीं बना है। बताया कि इस बारे में उन्होंने सदन में पहले भी प्रश्न लगाया था कि मातनहेल के अंदर सैनिक स्कूल कब बन रहा है ? संबंधित मंत्री की ओर से जवाब मिला कि अभी हम जमीन देख रहे हैं। जमीन अधिकृत होने पर ही स्कूल बनेगा। विधायक ने बताया कि सैनिक स्कूल के लिए करीब 312 एकड़ जमीन पहले ही मिली हुई थी। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मातनहेल में सैनिक स्कूल नहीं बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो कहती है सबका साथ सबका विकास, जबकि सरकार झज्जर के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार कर रही है।
विधायक ने कहा अहीर समाज का देश के लिए बलिदान देने में काफी योगदान रहा है। इस समुदाय के लोगों ने ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन को उन्होंने विधानसभा में सदन पटल पर रखते हुए मांग उठाई कि अहीर रेजिमेंट का गठन अवश्य करना चाहिए। यह अहीरवाल की पुरानी मांग है। उन्होंने यादव सभा की तरफ से सौंपा गया ज्ञापन व युवाओं की ओर से खून से लिखे पत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि यह मुद्दा प्रदेश सरकार का नहीं है। उसके बाद भी उन्होंने केंद्र सरकार को अहीर रेजिमेंट के गठन को लेकर पत्र लिखा है। इसके साथ ही उन्होंने आज झज्जर के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज बनाने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाना चाहिए। विधायक भुक्कल ने छात्रों के लिए फ्री किताबें व स्कूल स्टूडेंट्स के साथ साथ कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए लैपटॉप दिए जाने की मांग भी उठाई है। उन्होंने यह भी कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों का केवल नाम बदला जा रहा है। इनके लिए अलग से भवन नहीं बनाए जा रहे हैं। वहीं स्टॉफ की भर्ती करने की बजाए सरकारी स्कूलों से ही स्टाफ लिया जा रहा है। जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन स्कूलों में 1.80 लाख से कम आमदनी वाले परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। जबकि अन्य बच्चों से भी नाम मात्र की फीस ली जा रही है।
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सीएचसी जमालपुर के भवन के पुनर्निर्माण का मुद्दा उठाया
पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक गीता भुक्कल ने बुधवार विधानसभा सत्र के दौरान जमालपुर सीएचसी के भवन के पुनर्निर्माण के संबंध में सवाल उठाया। उन्होंने सदन में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से सवाल पूछा कि क्या हरियाणा सरकार के समक्ष सीएचसी जमालपुर के भवन के पुनर्निर्माण करने की प्रक्रिया विचाराधीन है या नहीं। यदि है तो यह निर्माणाधीन प्रक्रिया कब तक पूरी हो जाएगी। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि जमालपुर सीएचसी भवन निर्माण का कार्य चला है जो तीन महीने में पूरा हो जाएगा।