-फोटो 1 : किताबों की कीमत पर छूट भी मिलती है विश्व पुस्तक मेले में।
बहादुरगढ़। दिल्ली के प्रगति मैदान में गत शनिवार को शुरू हुए विश्व पुस्तक मेले में पहले रविवार को बहादुरगढ़ से भी कई पुस्तक प्रेमी पहुंचे। पांच मार्च तक नौ दिन तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में युवा खासी संख्या में देखने को मिल रहे।
रविवार के अवकाश का विद्यार्थियों ने मेले में पहुंचकर लाभ उठाया। कॉलेज विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रमों की पुस्तकों के अलावा उपन्यास और अन्य विषयों की पुस्तकों में भी रुचि दिखाई। कोरोना संकट के बाद किताबों का यह बड़ा मेला पुस्तक प्रेमियों को खासा आकर्षित कर रहा है।
मेले में पहुंचे बहादुरगढ़ निवासी आशीष तिवारी ने बताया कि हॉल नंबर-5 में अंग्रेजी भाषा के प्रकाशकों के स्टॉलों में युवाओं की चहल-पहल ज्यादा रही। हॉल नंबर-2 में हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के स्टॉलों में उतनी अधिक चहल-पहल नहीं दिखी। प्रगति मैदान के इन विशाल कक्षों में प्रकाशक और संगठनों के करीब 500 स्टॉल हैं। मेले में कुल लगभग 2000 स्टॉल लगी हैं। हॉल नंबर-4 में विदेशी भाषा के प्रकाशकों की स्टॉल लगी हैं। मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया) ने किया है। एनबीटी की स्टॉल में हजारों विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इनमें स्वतंत्रता आंदोलन और उससे जुड़े नायकों पर लिखी पुस्तकें और प्रदर्शनी प्रचुर संख्या में हैं।
मेले में पहुंचे नरदेव गुप्ता ने बताया कि हॉल नंबर-3 में बच्चों के लिए काफी संख्या में चित्रकथाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। बच्चे व उनके अभिभावक बाल कहानियों की पुस्तकें बहुत दिलचस्पी के साथ देख रहे हैं। कई परिवार और काफी संख्या में कॉलेज विद्यार्थियों के ग्रुप मेले में पहुंचे। खास तौर पर जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय व अन्य बड़े संस्थानों के शोधार्थी व शिक्षकों ने भी रविवार को मेले में पुस्तकों को खंगाला। गुप्ता ने बताया कि बच्चे भी किताबें खरीदते नजर आए।