सूचना अधिकार के तहत आवेदक को सूचना उपलब्ध न कराने पर राज्य सूचना आयोग ने बहादुरगढ़ में तहसीलदार एवं अपने कार्यालय के जन सूचना अधिकारी (एसपीआईओ) रहे चार अधिकारियों पर आर्थिक दंड लगाया है। एएसपीआईओ एवं तहसीलदार नरेंद्र दलाल पर 10 हजार रुपये और कनब लाकड़ा, बंसीलाल व श्रीनिवास पर पांच-पांच हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई है।
सभी को पांच-पांच हजार रुपये मुआवजे के तौर पर आवेदक को देने के आदेश दिए गए हैं। दरअसल, गांल सोलधा निवासी मंजीत सिंह काजला ने 6 अगस्त 2018 को तत्कालीन एएसपीआईओ एवं तहसीलदार से सूचना का अधिकार के तहत जमीन संबंधी कुछ जानकारी देने के लिए आवेदन किया था।
निर्धारित अवधि 45 दिन में जानकारी नहीं मिली तो 29 अप्रैल 2019 को आवेदक ने दूसरी अपील कर दी। इस पर भी संबंधित एएसपीआईओ ने कान नहीं धरे तो 9 मई 2019 को जिला सूचना अधिकारी ने और 24 फरवरी 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। कारण बताओ नोटिस का भी जवाब नहीं दिया तो 27 अप्रैल को सूचना आयुक्त चंद्रप्रकाश ने मामले में फिर सुनवाई की।
इस सुनवाई पर आवेदक मंजीत तो उपस्थित रहे, लेकिन सूचना न देने के लिए जिम्मेदार रहे अधिकारियों में से कोई भी पेश नहीं हुआ। इसके बाद 29 अप्रैल 2022 को आयोग ने एएसपीआईओ को 30 दिन के भीतर आवेदक को मांगी गई जानकारी से संबंधित तमाम दस्तावेजों की फोटो प्रतियां भी उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके बावजूद आवेदक को जानकारी नहीं दी गई तो सूचना आयुक्त चंद्रप्रकाश ने पत्र संख्या 9010 के जरिए जिम्मेदार अधिकारियों पर दंड लगा दिया।
अधिकारियों को जुर्माने की यह राशि सरकारी खजाने में सूचना आयुक्त के मद में जमा करानी होगी। 12 जुलाई 2022 तक जमा नहीं कराई तो 17 जुलाई 2022 तक प्रथम अपीलीय अधिकारी यह कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे।
इस अवधि में तैनात रहे अधिकारी
- नरेंद्र दलाल 12.06.2018 से 25.02.2019
- बंसीलाल 26.02.2019 से 05.02.2020
- कनब लाकड़ा 06.02.2020 से 04.10.2021
- श्रीनिवास 18.10.2021 से वर्तमान तक