पिछले एक सप्ताह से मौसम बदलने के साथ-साथ प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। वीरवार को पूरा दिन स्मॉग की चाद्दर छाई रही। इससे लोगों को आंखों में जलन की शिकायत रही। वीरवार सुबह स्मॉग के साथ हल्का कोहरा भी छाया रहा। वीरवार को जिले का एक्यूआई 331 रहा जबकि झज्जर का दोपहर को एक्यूआई 193 रहा। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की उम्मीद है। प्रदूषण बढ़ने के बावजूद शहर में निर्माण के कार्य के अलावा सड़क बनाने के काम लगातार जारी है। डंफरों में मिट्टी डालकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेकर जा रहे हैं, लेकिन उनको ढका नहीं जा रहा है। इसके चलते बाईपास पर धूल-मिट्टी का गुबार छाया रहता है, लेकिन उड़ती मिट्टी-धूल पर किसी प्रकार का पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सिविल अस्पताल में आंखों के मरीज बढ़ गए हैं। स्मॉग के चलते आंखों में जलन के मरीज पहुंच रहे हैं।
वायु प्रदूषण नहीं फैलाएं
डीसी ने कहा कि एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना करने पर नियमानुसार दंडनीय कार्रवाई अमल लाने के संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। लगातार बढ़ रहें वायु प्रदूषण नियंत्रण करने में सक्रिय रूप से भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धूल व धुंआ वायुमंडल में न फैले। ऐसा करना एनजीटी की गाइडलाइन की अवहेलना है और दंडनीय भी है। उन्होंने कहा कि सांस लेने के लिए शुद्ध हवा हमारी सबकी पहली जरूरत है। इसलिए सभी नागरिकों का दायित्व बनता है वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने में शासन-प्रशासन के साथ सक्रिय रूप भागीदारी निभाएं।
वायु प्रदूषण रोकने के लिए यह करें
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।
- निर्माणाधीन कार्यों पर लगातार पानी का छिड़काव जरूरी है ताकि धूल न पैदा हो।
- खुले में कूड़ा या अन्य तरह की आग लगाना जिससे धुआं उत्पन्न होता है, वह प्रतिबंधित है।
- डस्ट या निर्माण सामग्री वाले वाहन चालक निमार्ण सामग्री को ढककर आवागमन करें।
- शहरी क्षेत्रों में यातायात जाम न लगे, इसलिए सड़क मार्गों पर अतिक्रमण नहीं करे।
- इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर सेट का उपयोग नहीं करे।
- होटल व रेस्तराओं में बिजली या क्लीन ईंधन का उपयोग करना होगा। कोयला, लकड़ी का उपयोग करना मना है।
- खुले में रखी निर्माण सामग्री को ढककर रखे।
- खुले में स्टोर की गई निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव कर ढककर रखना होगा।
- सीएंडडी साइटों पर एंटी स्मॉग गन का उपयोग करना जरूरी है।
- 500 वर्ग गज या बड़ी निर्माण साइट का एनजीटी के डस्ट पोर्टल पंजीकरण कराना अनिवार्य है और यह निशुल्क है।
- सड़कों की सफाई करने से पहले पानी छिड़काव करना होगा।