बराही रोड स्थित समारोह स्थल पहुंचने पर योगेश को तिलक करती मां मीना देवी व बहन पूजा।
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शहर के ओम गार्डन में आयोजित पैरालंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया के अभिनंदन समारोह परिजन व खेल प्रेमी खुश नजर आए। योगेश के दादा हुकमचंद, दादी सावित्री देवी, पिता ज्ञानचंद, चाचा प्रेमचंद व कर्मवीर, मां मीना देवी, बहन पूजा व आरती के अलावा चाची शर्मिला व इंदूरानी समेत तमाम लोगों ने योगेश की शानदार उपलब्धि पर खुशी जताई। योगेश अभिनंदन स्थल पहुंचे तो पहले उनकी बड़ी बहन पूजा व आरती ने तिलक किया। मां ने बेटे को आशीर्वाद देते हुए तिलक कर उन्हें उसकी मनपसंद मिठाई रसमलाई खिलाई। बहन पूजा ने कहा कि सालभर बाद अपने भाई से मिलकर वह बेहद खुश हैं।
पिता बोले, बेटे ने चौड़ा कर दिया 56 इंच का सीना
मात्र आठ वर्ष की आयु में ही पैरालाइज होने से चलने-फिरने में भी लाचार रहे अपने बेटे के अरमानों को ऊंची उड़ान देने वाले सेना से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए पिता ज्ञानचंद ने बताया कि बेटा सुबह साढ़े तीन बजे उठकर ही अपने लक्ष्य को पाने के लिए कड़े अभ्यास में जुट जाता था। टोक्यो पैरालिंपिक में रजत पदक जीतकर उसने उनका सीना गर्व से 56 इंची चौड़ा कर दिया। योगेश से फोन पर बातचीत करने के लिए ज्ञानचंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया। सरकार की खेल नीति की प्रशंसा की।
मां ने कहा, गोल्ड जीतने के बाद ही करूंगी बेटे की शादी
योगेश की मां मीना देवी ने कहा कि बेटे पर उन्हें शुरुआत से ही भरोसा था कि वह हर हाल में पदक जीतकर लाएगा। जब वे उसे एयरपोर्ट पर छोड़ने के लिए गए थे तो उन्होंने उनसे वायदा किया था कि वह पदक लेकर ही देश लौटेगा। योगेश के विवाह के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इस विषय में अभी कुछ नहीं सोचा है। शादी तभी करेंगे जब वह गोल्ड लेकर आएगा। योगेश नेभी कहा कि गोल्ड पर ही उसका फोकस है और इसके लिए 10-15 दिन आराम करने के बाद फिर से अभ्यास करना शुरू कर देगा। फिलहाल वर्ल्ड चैंपियनशिप -2022 व एशियन गेम्स में भाग लेगा।