बहादुरगढ़। अनाज मंडी में सरकारी खरीदारी भी खूब हो रही है, लेकिन उठान बेहद धीमा है। इसकी वजह से यहां पहुंचने वाले किसानों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान हैफेड अधिकारियों से लगातार उठान की धीमी चाल को तेज करने की मांग कर रहे हैं।
अब तक हैफेड एजेंसी द्वारा 3700 क्विंटल से अधिक सरसों की सरकारी खरीद की गई है, लेकिन उठान केवल 1305 क्विंटल सरसों का हो पाया है। अधिकारी बार-बार उठान कार्य में तेजी का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन यह हकीकत में नहीं बदल रहा। किसानों को खरीदी गई फसल के भुगतान की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। शुक्रवार को बहादुरगढ़ की मंडी में 961.36 क्विंटल सरसों पहुंची। इसमें से 741.60 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। मार्केट कमेटी की ओर से 52 गेट पास काटे गए।
बता दें कि हरियाणा में 26 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद की घोषणा की गई थी, लेकिकन खरीद 28 मार्च से शुरू हो पाई थी। शुरूआती दिनों में किसान कम फसल लेकर पहुंचे थे। सोमवार से किसान लगातार भारी मात्रा में सरसों लेकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी 961 क्विंटल सरसों पहुंची। शुरूआती दिनों में अधिकारियों को भी फसल खरीद में काफी दिक्कत हुई, लेकिन अब आ रही सरसों की फसल को लगातार खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है, क्योंकि प्राइवेट आढ़ती किसानों की सरसों की फसल को 4600 से 4850 रुपये प्रति क्विंटल खरीद रहे थे। जबकि सरकार की ओर से एमएसपी 5650 रुपये तय किया गया है। ऐसे में अब किसानों को 800 से एक हजार रुपये का फायदा हो रहा है। बहादुरगढ़ की मंडी में सरसों की फसल बेचने के लिए बामनौली, ईस्सरहेड़ी, बादली, छारा, बराही, कानौंदा, कुलासी, सिद्दीपुर, नया गांव के किसान पहुंच रहे हैं। 1 अपै्रल से गेहूं की सरकारी खरीद का भी ऐलान किया गया था, लेकिन किसान अभी मंडी में गेहूं लेकर आए ही नहीं हैं।
वर्जन...
किसानों की मंडी में पहुंचने वाली सरसों की फसल की खरीद हैफेड द्वारा लगातार जारी है। उठान कार्य भी पहले से तेज हुआ है। अगले एक-दो दिनों में खरीदी गई सारी सरसों को उठाया जाएगा।
-अंजू दलाल, सचिव, मार्केट कमेटी बहादुरगढ़।