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Manu Bhaker: दादी ने बताई मनु नाम रखने की कहानी, झांसी की रानी से प्रभावित होकर किया था नामकरण

Tue, 30 Jul 2024 10:35 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)

सार

मनु भाकर एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ीं बन गईं हैं। मनु ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। इससे पूरे देश में खुशी का माहौल है। उनको सभी ने बधाइयां दी हैं। 
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मनु की दादी दया कौर। मनु भाकर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में चौथे दिन एक और इतिहास अपने नाम किया है। वह एक ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली बन गईं। मनु भाकर की उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए दादी दयाकौर ने बताया कि उन्होंने झांसी की रानी के बारे में खूब सुना है और उसका बचपन का नाम भी मनु था। उसी से प्रभावित होकर उन्होंने इसका नाम मनु स्वयं रखा था। उन्होंने कहा कि उसके जन्म पर उन्होंने देसी घी का हलवा बनाकर पड़ोस में भी बांटा था। मनु भाकर के पैतृक गांव में लौटने पर वह देसी घी के लड्डू बाटेंगी।

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मनु की जीत पर झूमती मनु की दादी मां। - फोटो : संवाद
देश को गौरवान्वित करवाया : प्रताप शास्त्री
मनु के सबसे बड़े ताऊ प्रताप शास्त्री ने कहा कि मनु ने हमेशा ही देश को गौरवान्वित करवाया है। उन्होंने पदक जीत कर न केवल परिवार बल्कि गांव का नाम रोशन किया है। आज पूरे देश के अंदर गोरिया गांव को एक अलग पहचान मिली है।

मनु बचपन से ही रही प्रतिभावान : बलजीत सिंह
मनु भाकर के ताऊ बलजीत सिंह ने बताया कि मनु बचपन से ही प्रतिभावान रही हैं। वह ताइक्वांडो में भी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेती रही हैं। मनु भाकर की बचपन की फोटो दिखाते हुए उन्होंने कहा कि मनु जब भी देखने की याद आती है तो फोटो को देख लेते और फिर से याद ताजा हो जाती हैं।

डबल मेडल जीतने पर है डबल खुशी : महेंद्र सिंह
चाचा महेंद्र सिंह ने बताया कि मनु के डबल मेडल जीतने पर खुशी डबल है। यूनिवर्सल स्कूल में मनु की तरह ही और बच्चे तैयार किया जा रहे हैं। यह भी आने वाले समय में मनु भाकर की तरह देश को पदक दिलाएंगे।

बाजरे की रोटी और दही मनु को पसंद : निर्मला
मनु भाकर की ताई निर्मला ने बताया कि मनु को बचपन से ही बाजरे की रोटी और दही बड़ी अच्छी लगती है। उन्होंने कहा कि लाल मिर्च भी उनकी पसंदीदा है। वह जब भी अपने पैतृक गांव आती है तो बाजरे की रोटी, दही और लाल मिर्च का खाना नहीं भूलती।
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