बहादुरगढ़ के गांव टांडाहेड़ी स्थित गत्ते के कार्टन बनाने और पैकेजिंग कार्य करने वाली फैक्टरी में आग लगने से वहां रखा कच्चा और तैयार माल सहित मशीनें और बिजली के उपकरण जल गए। भवन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आग इतनी भयंकर थी कि सांपला, रोहतक और झज्जर से भी दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ी। इसके बाद छह घंटे में रविवार तड़के आगे पर काबू पाया जा सका। फैक्टरी मालिक ने पांच करोड़ के नुकसान का अंदेशा जताया है।
टांडाहेड़ी के पास स्थित एशियन पैकेजिंग इंडस्ट्रीज में गत्ते के कार्टन बनाने समेत पैकेजिंग का काम होता है। शनिवार देर रात फैक्टरी में आग लग गई। फैक्टरी में मौजूद कामगारों ने फायर ब्रिगेड को फोन कर मदद मांगी। साथ ही बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 में रह रहे फैक्टरी मालिक संजीव कुमार हुड्डा को भी फोन किया।
जानकारी मिलते ही पुलिस भी बचाव कार्य में मदद के लिए घटना स्थल पहुंच गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच आग बुझाने के प्रयास शुरू किए।
मजदूरों ने बताया कि फैक्टरी से आग की विकराल लपटें निकल रही थी। आग को फैलने से रोकने के लिए कच्चे और तैयार माल को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और कई एकड़ के परिसर में फैली फैक्टरी के तकरीबन सभी हिस्सों में पहुंच गई।
कई जिलों से आई दमकल की गाड़ियां
सांपला, झज्जर और रोहतक से भी दमकल गाडिय़ां बुलानी पड़ीं। दमकल को पानी भरकर लाने में कई-कई चक्कर लगाने पड़े और सुबह करीब 7 बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में फैक्टरी में रखा हुआ कच्चा माल, तैयार माल, मशीनें और बिजली के उपकरण जल गए। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
देर से पहुंची दमकल
फैक्टरी संचालक संजीव हुड्डा ने बताया कि मुझे शनिवार रात करीब 12:05 पर फैक्टरी कर्मचारी ने फोन से दी। वे 12:25 बजे फैक्टरी पहुंच गए थे, लेकिन दमकल 1:15 बजे पहुंची जब तक आग पूरी फैक्टरी में फैल चुकी थी।
हमारी यह फैक्टरी वर्ष 2009 से चल रही है। उनका अनुमान है कि फैक्टरी में आग लगने से चार-पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, हालांकि नुकसान का पूरी तरह सही मूल्यांकन सोमवार को कंपनी के सीए ही कर पाएंगे। -संजीव कुमार हुड्डा, फैक्टरी संचालक
फैक्टरी में लगी आग को बुझाने के बहादुरगढ़ की चार दमकल गाडिय़ों के अलावा रोहतक और झज्जर से भी एक-एक दमकल गाड़ी पहुंची। घटना में हुए नुकसान के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। नुकसान का मूल्यांकन करना फायर ब्रिगेड की जिम्मेदारी नहीं है। -राजेंद्र सिंह दहिया ,जिला दमकल अधिकारी