अप्रैल महीने में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। जिसके कारण जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। एसी कूलर चलने से बिजली की खपत भी छह से सात लाख यूनिट प्रतिदिन बढ़ गई है। इस कारण बिजली कटौती भी शुरू हो गई है। जिससे लोग परेशान हैं।
गर्मी के सीजन में अभी अप्रैल के महीने के दस दिन ही बीते हैं, लेकिन जून की तरह गर्म हवाएं चल रही हैं।
पिछले साल तापमान अप्रैल में 40 डिग्री सेल्सियस से कम था, लेकिन इस बार 42 से 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच रहा है। दोपहर से पहले ही लोग गर्मी से बचने के लिए अपने चेहरे पर कपड़ा बांध कर चल रहे हैं।
गर्मी से बचने के लिए लोग दोपहर के समय घरों से बहुत आवश्यक होने पर ही निकल रहे हैं, क्योंकि गर्मी ज्यादा होने से बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।
- क्या करें क्या न करें
फिजिशियन के डॉ संजीव हसिजा का कहना कि
-धूप में जाने से बचें, जरूरी हो तभी जाएं
- पूरे शरीर को कपड़े से ढ़ककर ही बाहर निकलें।
- पानी पीकर ही घर से बाहर जाएं
-बाहर का तला भुना खाने से बचें
-साफ-सफाई का ध्यान रखें, साफ पानी पिएं
वर्जन
गर्मी के मौसम में बिजली का खपत बढ़ जाती है क्योंकि गर्मी से बचने के लिए लोग पंखे, कूलर व एसी का प्रयोग करते हैं। जिससे बिजली की खपत ज्यादा बढ़ती है। वहीं बिजली निगम का प्रयास है कि लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।
- जेएस नारा, एसई, उतर हरियाणा वितरण निगम, झज्जर।