एक दिव्यांग व्यक्ति के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक से लोन पास करवाकर गाड़ी लेने के मामले में पुलिस ने गांव आसौदा के निवासी संदीप को गोवा से गिरफ्तार किया है। इस मामले का पर्दाफाश पुलिस की आर्थिक अपराध जांच शाखा ने किया है।
आर्थिक अपराध शाखा के सहायक उप निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि लाइनपार बहादुरगढ़ के निवासी रणधीर ने थाने में दी शिकायत में बताया था कि उनका बेटा शशिकांत जन्म से ही दिव्यांग और मंदबुद्धि है। वह न तो बोल सकता है न ही कुछ समझ सकता है और न ही पढ़ लिख सकता है। उसके बेटे को दिव्यांगता का प्रमाण पत्र भी मिला हुआ है। उसके घर पर 25 फरवरी 2021 को दो लड़के आए जिन्होंने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताते हुए कहा कि आपके बेटे ने बैंक से एक गाड़ी फाइनेंस कराई है। गाड़ी का 20 लाख रुपये का लोन आपके बेटे के नाम है। उक्त गाड़ी की किश्त अदा नहीं की गई है। किश्त अदा करने को कहते हुए वे दोनों चले गए। इसके पश्चात एक मार्च को फिर बैंक से गाड़ी की किश्त अदा करने के लिए फोन आया। जब उसने अपने बेटे के दिव्यांग होने के बारे में कहा तो बैंक कर्मचारियों ने बताया कि उसके नाम पर सेविंग और करंट के दो खाते खुले हुए हैं।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि बैंक और राज मोटर्स के कर्मचारियों ने अज्ञात के साथ मिलकर धोखाधड़ी व फर्जी कागजात तैयार करके उसके बेटे के नाम से लोन लिया है। उपरोक्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना लाइनपार बहादुरगढ़ पुलिस ने 10 अप्रैल 2021 को आपराधिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
फर्जी दस्तावेज तैयार करके लोन लेकर गाड़ी निकलवाने के उपरोक्त मामले में पुलिस ने संदीप निवासी गांव आसौदा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेज बनाकर लोन पर ली गई गाड़ी बरामद की है। पुलिस ने संदीप को गोवा की अदालत में पेश किया गया। जहां से आरोपी को पांच दिन के राहदारी रिमांड पर लिया गया। राहदारी रिमांड पर आरोपी को बहादुरगढ़ अदालत में पेश किया गया। जहां से पूछताछ के पश्चात संदीप को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बहादुरगढ़ के लाइनपार थाना क्षेत्र निवासी दिव्यांग शशिकांत के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर एचडीएफसी बैंक से गाड़ी का 20 लाख रुपये लोन लेने के मामले में पुलिस ने आसौदा के संदीप को गोवा से गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में अब बैंक और राज मोटर्स की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश दुग्गल, एसपी झज्जर।