जिला बार एसोसिएशन के प्रधान व सामान्य अस्पताल के चिकित्सक के बीच छिड़ा वर्चस्व का विवाद नौ दिन बाद भी नहीं सुलझ पाया। वकील जहां अपनी मांगों को लेकर पिछले 7 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक व कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर काम कर रहे हैं।
चिकित्सकों की एसोसिएशन ने भी चेतावनी दी हुई है कि यदि इस मामले में पुलिस ने किसी भी प्रकार की कोताही बरती और शासन व प्रशासन ने नागरिक अस्पताल की चिकित्सक निशा डाबर के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो पूरे हरियाणा की मेडिकल एसोसिएशन हड़ताल पर चली जाएगी। सोमवार को भी वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी।
वकीलों ने मेडिकल एसोसिएशन की उस विज्ञप्ति पर भी रोष जताया, जिसमें बार प्रधान के लिए अभद्र व्यक्ति शब्द का इस्तेमाल किया गया है। बार के पूर्व प्रधान नरेश झामरी, बार एसोसिएशन के उप-प्रधान राजकुमार वत्स सहित अन्य अधिवक्ता बार प्रधान अजीत सोलंकी के समर्थन में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल एसोसिएशन को यह सोचना चाहिए कि बार प्रधान अजीत सोलंकी निर्वाचित अध्यक्ष है और तीसरी बार प्रधान बनाए गए हैं। समाजसेवा के लिए हमेशा सोलंकी ही नहीं, बल्कि अन्य अधिवक्तागण हमेशा आगे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। ऐसे में उनके लिए इस प्रकार की टिप्पणी करना अशोभनीय है।
वकीलों ने इस मामले में मंगलवार को कोई फैसला लिए जाने की बात कही है। मंगलवार को हरियाणा बार एसोसिएशन के चेयरमैन भी मामले में एसपी से मिलने आ रहे हैं। जबकि एसपी ने मामले के समाधान के लिए अधिवक्ताओं को मंगलवार तक का समय दिया हुआ है। बार एसोसिएशन के सचिव राजकुमार वत्स का कहना है कि एसपी से मिलने के बाद हाउस की बैठक होगी, जिसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।