फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झज्जर में बनेगा स्वामी ओमानंद सरस्वती के नाम पर विशाल पुरातत्व संग्रहालय

विज्ञापन
डीसी श्याम लाल पूनिया। - फोटो : Jhjhar
विज्ञापन
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने झज्जर में संग्रहालय के निर्माण के लिए एचएसवीपी भूमि देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। संग्रहालय में स्वामी ओमानंद द्वारा संरक्षित पुरातात्विक महत्व की लगभग दो लाख वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने एक दिन पहले चंडीगढ़ में स्वामी ओमानन्द सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय समिति, गुरुकुल झज्जर के प्रतिनिधि आचार्य विजय पाल और विरजानंद देवकर्णी व सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परियोजना की आवश्यक प्रक्रिया को लेकर व्यापक विचार विमर्श किया और बैठक के उपरांत संग्रहालय के लिए भूमि देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से जिले को एक बड़ी परियोजना मिलने जा रही है और इससे युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत के बारे में जानकारी मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि गुरुकुल झज्जर पुरातत्व संग्रहालय प्रदेश के लिए गौरव का स्थान है। यह हरियाणा का सबसे बड़ा संग्रहालय है। देश के विभिन्न हिस्सों से प्राचीन वस्तुओं को एकत्र करने में स्वामी ओमानंद सरस्वती की प्रतिबद्धता और प्रयासों से यह संग्रहालय 1959 में अस्तित्व में आया था। मौजूदा संग्रहालय में दुर्लभ सिक्कों, मृण्मूर्ति, मूर्तियां, पांडुलिपियां आदि का अनूठा और अतुलनीय संग्रह है। इन धरोहरों को पिछले कई दशकों के दौरान गुरुकुल झज्जर की तरफ से दुनिया भर से एकत्र किया गया है और इस प्रकार राज्य सरकार ने इस राष्ट्रीय धरोहर को भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करने और इस अद्वितीय विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक नया संग्रहालय बनाने का फैसला किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें