फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन पर डॉक्यूमेंट्री: अमेरिकी फिल्म निर्माता और नासा के पूर्व वैज्ञानिक बेदब्रत पेन पहुंचे टीकरी बॉर्डर

Sun, 05 Dec 2021 08:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

कॉरपोरेट्स के कारण अमेरिकी किसानों की विनाशकारी स्थिति के विरोध में बेदब्रत पेन पहले भी एक फिल्म बना चुके हैं।
विज्ञापन
टीकरी बॉर्डर पर किसानों की एक झोपड़ी में आंदोलनकारी से बातचीत रिकॉर्ड करते बेदब्रत पेन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन पर बन रही डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग के लिए अमेरिकी फिल्म निर्माता और नासा के पूर्व वैज्ञानिक बेदब्रत पेन शनिवार को टीकरी बॉर्डर पहुंचे और विभिन्न स्थानों पर कुछ शाट्स लेने के अलावा किसानों से बातचीत की।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, कॉरपोरेट्स के कारण अमेरिकी किसानों की विनाशकारी स्थिति के विरोध में बेदब्रत पेन पहले भी एक फिल्म बना चुके हैं। इसमें कृषि सुधारों के नाम पर, भूमि और खाद्य सुरक्षा कॉरपोरेट्स व बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौंप देने का संदेश है। टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे पेन ने भारत में किसान आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया।

यह भी पढ़ें ः किसानों की पांच सदस्यीय कमेटी: सरकार से बातचीत के लिए अलग-अलग राज्यों के पांच किसान नेता चुने, जानिए इनका संक्षिप्त परिचय
विज्ञापन
विज्ञापन


संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और कीर्ति किसान यूनियन के उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह दीपसिंह वाला ने कहा कि किसान आंदोलन ने वैश्विक स्तर पर पहुंच बना ली है। अब किसानों की जीत ने दुनिया भर में कॉरपोरेट्स को चिंता में डाल दिया है और पूंजीवाद के खिलाफ लड़ने वाले लोगों के लिए आशा की किरण बन गई है। यही वजह है कि फिल्म निर्माता, शोध विद्वान और बुद्धिजीवी इस ऐतिहासिक आंदोलन को समझने और लिखने व दिखाने के लिए विरोध स्थल पर पहुंच रहे हैं।

किसानों से मिलने के लिए अमेरिका में 10,000 किलोमीटर का सफर किया था तय 

पेन ने बताया कि उन्होंने व उनकी सहायक सृष्टि अग्रवाल ने किसानों से मिलने के लिए अमेरिका में 10,000 किलोमीटर का सफर तय किया था और आंखें खोलने वाले तथ्य पेश किए थे। उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिका में औसतन किसानों के पास 150 एकड़ जमीन है, लेकिन कॉरपोरेट्स ने हजारों एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उनकी जमीन और खाद्य सुरक्षा लूट ली है। साथ ही डेयरी फार्मिंग को भी कॉरपोरेट्स ने इसी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का कोई किसान परिवार ऐसा नहीं जहां आत्महत्या का मामला नहीं देखा जाता हो।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें