बहादुरगढ़ के ढांसा बार्डर पर किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत।
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन को 11 महीने होने वाले हैं। सरकार सोच रही थी कि महीने दो महीने में ये वापस चले जाएंगे। हम तब तक वापस नहीं जाएंगे जब तक तीनों तीनों नए कृषि कानून वापस नहीं हो जाते और एमएसपी की गारंटी वाला कानून नहीं बन जाता। वह ढांसा बॉर्डर पर किसानों को संबोधित कर रहे थे।
राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाना है किसानों का निशाना है। हर हाल में तीनों कानूनों को रद्द करवाने के साथ-साथ एमएसपी पर कानून बनवाया जाएगा। आंदोलन को लंबा चलाने के लिए भी किसान पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार अब धान के रेट 500 से 800 रुपये दे रही है। बाजरे के रेट 1000 से 1100 रुपये दे रही है। सरकार सिर्फ कागजों में फसलों के दाम बढ़ा रही है जबकि भावांतर में नहीं। उन्होंने कहा कि लखीमपुर में सरकार ने किसानों को जानबूझकर अपनी गाड़ी से कुचला है। एक केंद्रीय राज्य गृह मंत्री का बेटा होने के कारण उससे पूछताछ नहीं की जा रही। जब उसकी गिरफ्तारी हुई तो उसको फूल माला डालकर लाया गया। जब तक पिता सरकार में मंत्री रहेगा तब तक घटना के विरोध में जनता का आंदोलन जारी रहेगा। किसान उस समय तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि धरना शांतिपूर्वक ढंग से चला हुआ है इसे ऐसे ही चलाते रहे तो हमारी जीत जरूर होगी। आंदोलन में शामिल किसानों से बातचीत करने के बाद राकेश टिकैत ने माजरी गांव पहुंचकर सेना में नायक रहे विकास के परिजनों को सांत्वना दी।
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