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योगेश कथुनिया को अर्जुन अवार्ड देने की सिफारिश पर जताई खुशी

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बहादुरगढ़। शहर के निवासी पैरालंपिक खिलाड़ी योगेश कथुनिया को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड देने की सिफारिश से उनके परिजनों और स्थानीय खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी योगेश ने इसी वर्ष टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीता था।
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राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समिति ने पहले ही प्रयास में पैरालंपिक में रजत पदक जीतने वाले राधा कालोनी बहादुरगढ़ के खिलाड़ी योगेश कथुनिया को अर्जुन अवार्ड देने की सिफारिश की है। इस खबर पर योगेश के प्रशंसकों से प्रसन्नता व्यक्त की है। योगेश के दादा सूबेदार हुकमचंद, दादी सावित्री देवी, पिता ऑनरेरी कैप्टन ज्ञानचंद, चाचा प्रेमचंद व कर्मबीर और पड़ोसी महेश कुमार ने इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि योगेश ने न केवल अपने परिजनों का बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है।
डिस्कस थ्रोअर (श्रेणी एफ-56 में) योगेश कथुनिया का परिवार मूलत: उसी गांव मांडोठी से है जिसने देश को सोनू और धर्मेंद्र जैसे बड़े पहलवान दिए हैं। काफी समय से यह परिवार बहादुरगढ़ में रहता है। मात्र 8 वर्ष की आयु में ही हाथ व पांवों से पैरालाइज होने के कारण ढंग से चलने-फिरने में भी लाचार हुए बहादुरगढ़ के स्थानीय निवासी योगेश कथुनिया ने टोक्यो पैरालंपिक में डिस्कस थ्रो का रजत पदक जीतकर ये साबित कर किया कि संकल्प हो तो क्या नहीं हो सकता।
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ये रही हैं उपलब्धियां
-वर्ष 2018 में पंचकूला में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता।
-2018 में बर्लिन में हुई ओपन ग्रेंडप्रिक्स में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता।
-2018 में इंडोनेशिया में हुए एशियन पैरा गेम्स में चौथा स्थान पाया।
-2019 में फरीदाबाद में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
-2019 में पेरिस में हुई ओपन ग्रेंडप्रिक्स डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीता।
-2019 में दुबई में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता।
-2021 में बेंगलुरु में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता के डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया।
-2021 में टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक हासिल किया
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