बहादुरगढ़। एमएसपी की गारंटी का कानून बनाने, बिजली संशोधन बिल 2021 रद्द करने, आग लगने और जनवरी-फरवरी महीनों में भारी बारिश व जलभराव से बर्बाद हुई फसलों का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग को लेकर मंगलवार को ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के कार्यकर्ताओं ने शहर में रोहतक रोड पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडोठी ने कहा कि तीन कृषि कानून वापस लेते समय केंद्र सरकार ने एमएसपी पर कानून बनाने के लिए कमेटी बनाने का वायदा किया था, जिसमें संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए कहा था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद अभी तक सरकार की तरफ से कमेटी नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल 2021 के द्वारा मोदी सरकार बिजली के उत्पादन से लेकर सप्लाई तक प्राइवेट कंपनियों के हाथ में दे रही है। जाहिर है ये कंपनियां बिजली मनमानी बिल वसूल करेंगी। खेती के लिए मुफ्त व गरीब उपभोक्ताओं के लिए सस्ती बिजली की स्कीमें खत्म हो जाएंगी। किसानों को पूरे रेट पर बिजली बिल भरने होंगे, कर्ज में दबे किसान इतने भारी बिल भरने के लिए पैसे कहां से लाएंगे। घरेलू कनेक्शनों, छोटे दुकानदारों व कारोबारियों पर भी भारी बोझ पड़ेगा। जयकरण ने कहा कि फसलों की लागत के अनुपात में लाभकारी दाम व फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिलने के कारण किसान कर्ज जाल में फंस जाते हैं। इसलिए एमएसपी के लिए कमेटी का गठन तुरंत किया जाए, बिजली बिल संशोधन 2021 को रद्द किया जाए और आग लगने व जलभराव से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा किसानों को तुरंत दिया जाए। प्रदर्शन में रामकिशन, कुलबीर सिंह, शिवप्रसाद, भारत, सीताराम, एडवोकेट अन्नू, सतीश, सोनिया व लालजी भी भाग लिया।