झज्जर। आज तक दुनिया में रक्त बनाने की मशीन नहीं बनी है। यह तो प्रकृति की देन है जो मानव से ही दान के रूप में मिल सकता है। इसके अलावा इसका कोई विकल्प नहीं है। यह बातें मंगलवार को शहर के आर्य नगर में स्थित द हाइट शिक्षण संस्थान में अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर के के मौके पर मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भारती डबास ने कही। शिविर में 51 लोगों ने रक्तदान किया। मुख्यातिथि ने शहीद भगत सिंह व शिक्षण संस्थान के संस्थापक राजेंद्र उर्फ राजाराम के चित्र के सामने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शहीद जयदयाल पूनिया की पुत्री कलावती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मुख्यातिथि का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में उप सिविल सर्जन डॉ. रणबीर सिंह, डीआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार, पुलिस पीआरओ चमन लाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
भारती डबास ने कहा कि यह समाज सेवा का कार्य है और रक्त से बड़ा कोई दान नहीं होता। क्योंकि किसी भी आपात स्थिति में हम जाने, अनजाने व्यक्तियों की रक्तदान कर जान बचाने का काम करते हैं। इसलिए हर युवा को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। बेटियां भी किसी क्षेत्र में कम नहीं हैं और अब रक्तदान करने के लिए आगे आने लगी हैं। उन्होंने स्वयं भी 9 बार रक्तदान किया है। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में 50 यूनिट रक्त एकत्रित करने का लक्ष्य था, लेकिन 51 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। 76 लोगों ने रक्तदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। झज्जर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपसिविल सर्जन, झज्जर रक्तकोश प्रभारी डॉ. इंदिरा हसीजा, जिला रेडक्रॉस सोसायटी से दीपक कुमार की टीम ने रक्त एकत्र किए। अमर उजाला फाउंडेशन, जिला रेडक्रॉस सोसायटी व दा हाइट संस्थान की ओर से प्रमाण पत्र, मेडल भेंट कर सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। मुख्यातिथि व संस्था के संचालक नविंद्र कुमार ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका उत्सावर्द्धन किया। कार्यक्रम में समाज सेवी सुभाष गुर्जर, गोपाल गोयल, नीरज कुमार, निवर्तमान पार्षद घनश्याम गुर्जर, कमलेश अत्री, अखिल भारतीय जांगिड़ मनमोहन खंडेलवाल, विकास, प्राचार्य जितेंद्र कुमार, जयदीप, दिनेश चाहर, ज्योतिबाला, उमा, रिंकू, योगिता, संतोष, प्रदीप, हरीओम, सन्नी, संजीत दहिया आदि का विशेष सहयोग रहा।