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डैथ-बर्थ सर्टिफिकेट नहीं, सीएमओ कार्यालय में मिलती है केवल तारीख

Thu, 29 Dec 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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झज्जर।
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पेंशन और पासपोर्ट बनवाने के लिए जब अधिकारियों ने जन्म प्रमाण पत्र मांगा तो इसकी अहमियत पता चली। सिविल सर्जन कार्यालय गए तो तो दो दिन फार्म भरने में बीत गए। क्लर्क ने बताया कि 15 दिन में मिलेगा। 15 दिन बाद कार्यालय में गए तो पता चला कि अभी नहीं बना है। फिर नई तारीख दे दी गई, जो कि अब सवा साल का अरसा बीतने के बाद भी तारीखें मिलने का क्रम जारी है। यह कहानी गांव अच्छेज से आए योगेश की है। ऐसा ही हाल झज्जर जिले के सैकड़ों लोगों का है, जो जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

ये है प्रक्रिया
1995 से लेकर अब तक का रिकार्ड कंप्यूटराइज्ड है, जबकि उससे पहले के रिकार्ड को कंप्यूटराइज्ड करने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 1965 से पहले का रिकार्ड उर्दू में है, जबकि इसके बाद का रिकार्ड हिंदी में दर्ज है। जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके लिए एक फार्म 50 रुपये में सिविल सर्जन कार्यालय में ही मिलता है। यह फार्म भरकर सिविल सर्जन कार्यालय में जमा करवाना होता है, जिसकी एक रसीद मिलती है। फार्म जमा करने के 15 दिन बाद आपको प्रमाण पत्र मिलना होता है।
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केस नंबर-1
अच्छेज निवासी योगेश ने बताया कि वह अपना जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए 14 अक्तूबर 2015 से सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काट रहा है लेकिन उसे हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर एक नई तारीख दे दी जाती है। जिसके चलते वह काफी परेशान है।

केस नंबर-2
अच्छेज निवासी ही चांद ने बताया कि वह अपने भतीजे का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए 3 अगस्त 2016 को सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर लगा रहा है लेकिन कोई फायदा नहीं। कार्यालय के कर्मचारी अभी उसको टरका ही रहे हैं।

केस नंबर-3
मदाना खुर्द निवासी कंवरलाल ने बताया कि वह बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए 19 जुलाई 2016 से सिविल सर्जन कार्यालय में आ रहा है। कर्मचारी कभी उसे अधिकारी नहीं होने का हवाला देते हैं तो कभी कुछ।

केस नंबर-4
दुजाना निवासी अजय ने बताया कि वह अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र लेने के पिछले दो माह से चक्कर काट रहा है लेकिन कर्मचारी समय पर किसी का ही काम करके नहीं दे रहे हैं। जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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वर्जन
कागजात पूरे नहीं दिए जानेे के चक्कर में समय लग जाता है। समस्या को लेकर उन्होंने नए नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ दिनेश को चार्ज दिया है। लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द ही करवा दिया जाएगा। - रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।
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