झज्जर। डीसी शक्ति सिंह ने शनिवार को मातनहेल और साल्हावास क्षेत्रों के खेती से संबधित व्योरा एकत्रित करने के लिए क्रॉप वेरिफिकेशन के कार्य का निरीक्षण किया। यह कार्य लोकेशन आधारित एप के माध्यम से किया गया है। डीसी ने मौके पर एप से फीड किए गए आंकडे़ का मिलान किया।
डीसी ने अधिकारियों को बताया कि कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि एप में जो भी आंकड़ा भरा गया है वह मौके पर भी मिलना चाहिए। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने खेतों में बोई गई फसलों का आंकड़ा जुटाकर डाटा अपडेट किया है। इस कार्य के लिए मैपिंग ऑफ एकड़ नामक एप बनाया गया है। यह एप लोकेशन आधारित है। उन्होंने शनिवार को खानपुर, गोरिया और साल्हावास गांवों के खेतों में पहुंचकर विभिन्न विभागों की एप के माध्यम से की गई क्रॉप वेरिफिकेशन के आंकड़े का मिलान किया। इस बार वेरिफिकेशन के कार्य के लिए मैपिंग ऑफ एकड़ नामक एप बनाया गया है। इसमें वेरिफिकेशन करने वाले व्यक्ति को सही लोकेशन पर पहुंचना होता है। अगर लोकेशन पर वह व्यक्ति नहीं पहुंचता है तो संबंधित जमीन की क्रॉस वेरिफिकेशन नहीं होती। इस नए सिस्टम का फायदा यह है कि मौके पर पहुंचकर एक-एक एकड़ की फसल की जानकारी दर्ज की जाती है। डीसी के साथ डीआरओ प्रमोद चहल, नायब तहसीलदार शेखर राठी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।